रेणु देवी हत्याकांड: सिर कटा शव, DNA पहचान और दो साल बाद उम्रकैद की सजा
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भुगतानपुर में 2023 में रेणु देवी की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। गड्ढे में मिला सिर कटा शव, आठ दिन बाद बरामद हुआ सिर और DNA जांच से हुई पहचान, अब दो साल बाद अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
घटना की पृष्ठभूमि
सनहौला प्रखंड के महेशपुर की रहने वाली रेणु देवी का 2023 में भुगतानपुर बाईपास थाना के करमपुर जोगिया तालाब के पास एक गड्ढे में मृत शरीर मिला। शव का सिर गायब था और शरीर पर धारदार हथियार से किए गए छह‑सात गहरे जख्म थे, जिससे पुलिस को यह संदेह हुआ कि हत्या के बाद पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी।
सिर की बरामदगी और DNA पहचान
जांच के दौरान लगभग आठ दिन बाद उसी इलाके से एक सिर बरामद हुआ। यह साबित करने के लिए पुलिस ने वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया। मृतका की माँ के खून के नमूने से DNA मिलान कर, बरामद सिर को रेणु देवी से जोड़ा गया। इस DNA मिलान ने पहचान को पुख्ता किया और जांच को दिशा दी।
हत्या के पीछे का कारण
जांच में सामने आया कि रेणु देवी ने रजनीश दास से प्रेम विवाह किया था, जबकि रजनीश पहले से शादीशुदा था। घरेलू विवाद और अन्य कारणों को लेकर रजनीश दास ने अपने परिवार के साथ मिलकर रेणु की हत्या कर दी, फिर शव को करमपुर जोगिया तालाब के पास गड्ढे में दफना दिया। रेणु के भाई इंद्र कुमार की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
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न्यायिक प्रक्रिया और सजा
लगभग दो साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर लोक अभियोजक राजेश कुमार सिंह के अनुसार, अदालत ने आरोपी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसे न भरने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा लागू होगी। इस फैसले को रेणु के परिवार ने न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना।
मुख्य बातें
- 2023 में भागलपुर के बाईपास थाना क्षेत्र में सिर कटा शव मिला।
- आठ दिन बाद उसी इलाके से बरामद हुआ सिर DNA जांच से रेणु देवी से जोड़ा गया।
- हत्यारा रजनीश दास, जो पहले से शादीशुदा था, ने प्रेम विवाह के बाद घरेलू विवाद में हत्या का आदेश दिया।
- लगभग दो साल की कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने आरोपी को उम्रकैद और 10,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।




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