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अपराध

रविता‑अमरदीप को फांसी: जज ने सावित्री‑यमराज का उल्लेख कर सुनाया ऐतिहासिक फैसला

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 16 Oct 2026• अपडेट 16 Oct 2026
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रविता‑अमरदीप को फांसी: जज ने सावित्री‑यमराज का उल्लेख कर सुनाया ऐतिहासिक फैसला
मेरठ के अकबरपुर सादात में हुए सर्पदंश हत्याकांड में अदालत ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। फैसला सुनाते समय जज ने मनुस्मृति, सावित्री‑यमराज की कथा का हवाला…

उत्तर प्रदेश के मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात में 13 अप्रैल 2025 को हुई सर्पदंश हत्याकांड में अदालत ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे‑12) जयवीर सिंह नागर ने दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने के जुर्म में दोषी ठहराया।

सजा से पहले जज का विशेष उल्लेख

निर्णय सुनाते समय न्यायाधीश ने प्राचीन ग्रंथों और भारतीय पौराणिक कथा का हवाला दिया। उन्होंने मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए कहा, “अधर्म कभी भी धर्म से नहीं जीत सकता।” इसके बाद उन्होंने महान नारी सावित्री का उदाहरण दिया, जिन्होंने अपने पति के प्राण बचाने के लिए यमराज तक से भिड़कर उसे पीछे हटने पर मजबूर किया। इस तुलना से उन्होंने यह संकेत दिया कि इस मामले में पत्नी ने अपने ही जीवन‑साथी की हत्या की साजिश रची।

घटना की पृष्ठभूमि

अमित कश्यप (उर्फ मिक्की कश्यप) का शव अपने बिस्तर में मिला, जहाँ उसके नीचे एक जिंदा साँप दबा हुआ था। प्रारम्भ में पत्नी रविता ने इसे प्राकृतिक कारण मानते हुए कहा कि अमित की मृत्यु साँप के काटने से हुई। पोस्ट‑मार्टम रिपोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि मृत्यु साँप के कारण नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी; गले, नाक और मुंह पर अत्यधिक दबाव के कारण हायॉइड हड्डी और थायराइड कार्टिलेज टूट चुके थे।

डिजिटल साक्ष्य और हत्या की योजना

पुलिस जांच में पता चला कि हत्या से 24 घंटे पहले रविता और अमरदीप के बीच 51 बार लंबी फोन बातचीत हुई थी। यह डिजिटल साक्ष्य और पोस्ट‑मार्टम रिपोर्ट ने “कुदरती मौत” को सुनियोजित हत्या में बदल दिया। रविता और अमरदीप के बीच अवैध प्रेम संबंध की पुष्टि हुई, जबकि अमरदीप और अमित कश्यप मित्रता और टाइल‑पत्थर लगाने के काम में साथ थे। परिजनों ने रविता‑अमरदीप को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिससे अमित ने विरोध किया और अंत में हत्या की साजिश रची।

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मुख्य बातें

  • रविता और अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई।
  • जज ने मनुस्मृति और सावित्री‑यमराज की कथा का उल्लेख किया।
  • पोस्ट‑मार्टम ने दिखाया कि मृत्यु साँप के कारण नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई।
  • डिजिटल साक्ष्य ने 51 फोन कॉल्स की पुष्टि की, जो साजिश को सिद्ध करता है।
  • अमित कश्यप के शरीर पर साँप के काटने के 10 निशान मिले, पर वास्तविक कारण दम घुटना था।

यह फैसला उत्तर प्रदेश में घरेलू हिंसा और प्रेम संबंधों से उत्पन्न अपराधों के खिलाफ कड़ी सजा के संदेश को मजबूत करता है। न्यायालय ने सामाजिक नैतिकता को पुनर्स्थापित करने के लिए कठोर कदम उठाए, जिससे भविष्य में समान मामलों में सख्त दंड की आशा की जा सकती है।

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