रांची को बनाना देश का अगला IT हब: 75,000 नौकरियों का बड़ा प्लान
3 मिनट में पढ़ें

झारखंड की राजधानी रांची को अब सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी के जन्मस्थल के रूप में नहीं, बल्कि देश के प्रमुख IT हब के रूप में स्थापित करने की योजना सरकार ने घोषित की है। अगले तीन वर्षों में 75,000 उच्च‑कुशल रोजगार सृजित करने के लक्ष्य के साथ, राज्य ने IT पार्क और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के निर्माण की रूपरेखा तैयार की है।
परियोजना की मुख्य रूपरेखा
रांची में प्रस्तावित IT पार्क का निर्माण 2029 तक शुरू किया जाएगा। इस पार्क के प्रथम चरण में लगभग 20,000 नौकरियां सृजित की जाएँगी, जबकि पूरी क्षमता पर पहुँचने पर कुल 75,000 रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। पार्क के लिये लगभग 100 एकड़ भूमि earmarked की गई है, जो आईआईएम रांची, नए विधानसभा परिसर और हाईकोर्ट परिसर के निकट स्थित है।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC)
IT पार्क के साथ-साथ राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की भी स्थापना की जाएगी। GCC का उद्देश्य वैश्विक कंपनियों को AI, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे उभरते क्षेत्रों में सेवाएँ प्रदान करना है। इससे निजी निवेश को आकर्षित करने और स्थानीय युवाओं को उच्च‑कुशल नौकरियां देने की उम्मीद है।
मुख्य बातें
- रांची में IT पार्क का निर्माण 2029 तक शुरू होगा।
- पहले चरण में 20,000 रोजगार, कुल लक्ष्य 75,000 नौकरियां।
- लगभग 100 एकड़ भूमि (आईआईएम रांची, विधानसभा, हाईकोर्ट के निकट) को विकसित किया जाएगा।
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के माध्यम से AI, सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी आदि क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
- सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में उद्योग‑अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पहल को राज्य के आर्थिक विकास का प्रमुख स्तम्भ बताया।
- ऑक्टूबर में IT एवं ई‑गवर्नेंस विभाग का प्रतिनिधिमंडल बेंगलुरु का दौरा करेगा, जहाँ से मॉडल अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
राज्य के लिए आर्थिक प्रभाव
IT पार्क और GCC के विकास से झारखंड की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने की संभावना है। उच्च‑कुशल रोजगार के अवसर स्थानीय युवाओं को राज्य में ही रहने और काम करने के लिए प्रेरित करेंगे, जिससे आउट‑माइग्रेशन घटेगा। साथ ही, वैश्विक कंपनियों के निवेश से तकनीकी इकोसिस्टम का विस्तार होगा, जिससे स्टार्ट‑अप्स और छोटे‑मध्यम उद्यमों को भी लाभ मिलेगा।
आपके लिए संबंधित खबरें
बेंगलुरु दौरा और आगे की योजना
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई‑गवर्नेंस विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल अक्टूबर में बेंगलुरु का दौरा करेगा। वहाँ के विकसित IT पार्क, तकनीकी इकोसिस्टम और GCC मॉडल का अध्ययन कर, झारखंड में लागू करने योग्य बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाया जाएगा। इस अध्ययन के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे परियोजना के समय‑सीमा और निवेश आकर्षण को सुदृढ़ किया जा सके।
निष्कर्ष
रांची को IT हब बनाने की यह महत्वाकांक्षी योजना झारखंड सरकार की तकनीकी‑आधारित विकास रणनीति को दर्शाती है। 75,000 नौकरियों का लक्ष्य, आधुनिक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की स्थापना, राज्य को राष्ट्रीय IT मानचित्र पर ऊँचा स्थान दिलाने की दिशा में एक ठोस कदम है। यदि योजना के अनुसार कार्यान्वयन हो जाता है, तो रांची न केवल झारखंड की आर्थिक धड़कन बनेगा, बल्कि भारत के प्रमुख IT केंद्रों में एक नया नाम जोड़ देगा।




टिप्पणियाँ
0