पंजाब के लैब मालिक को अमेरिकी वीजा सर्टिफिकेट जालसाजी में गिरफ्तार
2 मिनट में पढ़ें

अमेरिकी वीजा आवेदन के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने पंजाब के जालंधर स्थित जोहशी क्लिनिकल लेबोरेटरी के मालिक सरबन सिंह को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 24 मार्च 2026 को अमेरिकी दूतावास के रीजनल सिक्योरिटी ऑफिस द्वारा चाणक्यपुरी थाने में दर्ज शिकायत के बाद की गई।
शिकायत और प्रारम्भिक जांच
शिकायत में बताया गया कि 22 वर्षीय सिमरनजीत कौर ने अमेरिकी वीजा आवेदन के दौरान एक फर्जी लैब टेक्नीशियन एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट जमा किया था। सिमरनजीत ने पुलिस को बताया कि यह सर्टिफिकेट सरबन सिंह ने तैयार किया था और बदले में उसने आरोपी को 8,000 रुपये देने का उल्लेख किया। इस जानकारी के आधार पर चाणक्यपुरी थाने में FIR दर्ज की गई और जांच शुरू हुई।
पुलिस की छापेमारी और गिरफ्तारी
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने पंजाब के जालंधर के लोहियां खास में स्थित लैब पर छापेमारी की। छापेमारी में लैब से एक कंप्यूटर (CPU) बरामद किया गया, जिसे फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करने में इस्तेमाल किया गया बताया गया। लैब मालिक सरबन सिंह को गिरफ्तार कर रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी की गई।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
डीसीपी (नई दिल्ली) सचिन शर्मा ने बताया कि दूतावास ने 24 मार्च को इस जाली दस्तावेज जमा करने की सूचना दी थी। अब पुलिस इस साजिश में शामिल अन्य व्यक्तियों और दस्तावेज़ तैयार करने की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है।
आपके लिए संबंधित खबरें
मुख्य बातें
- अभियुक्त: सरबन सिंह, जोहशी क्लिनिकल लेबोरेटरी, जालंधर (पंजाब)
- शिकायतकर्ता: सिमरनजीत कौर, 22 वर्ष, अमेरिकी वीजा आवेदक
- शिकायत की तिथि: 24 मार्च 2026, अमेरिकी दूतावास के रीजनल सिक्योरिटी ऑफिस द्वारा
- गिरफ्तारी स्थान: लोहियां खास, जालंधर, पंजाब
- बरामद सामग्री: फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के लिए उपयोग किया गया CPU
- भुगतान का उल्लेख: 8,000 रुपये (सिमरनजीत कौर द्वारा आरोपी को दिया गया)
- पुलिस की अगली कदम: रिमांड पर पूछताछ, अन्य सहयोगियों की पहचान और साजिश का पूरा खुलासा
पुलिस ने कहा कि इस प्रकार की जाली दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया वीजा धोखाधड़ी को बढ़ावा देती है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आगे की जांच के परिणामों की प्रतीक्षा है।




टिप्पणियाँ
0