पीएम गतिशक्ति के पाँच साल: बुनियादी ढाँचे में सुपर‑स्पीड विकास
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पिछले पाँच वर्षों में भारत ने बुनियादी ढाँचे के विकास में अभूतपूर्व गति हासिल की है। पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान (पीएमजीएस‑एनएमपी) ने एकीकृत जीआईएस‑आधारित मंच के माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जोड़कर 396 बड़े प्रोजेक्ट्स को एक ही योजना में समेटा है।
पीएम गतिशक्ति का विकास और दायरा
13 अक्टूबर 2021 को लॉन्च किया गया यह राष्ट्रीय मास्टर प्लान प्रारम्भ में एक बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर मैपिंग प्लेटफ़ॉर्म था, परन्तु आज यह 58 केंद्रीय मंत्रालय‑विभागों और सभी 36 राज्यों‑केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करने वाला एक व्यापक नियोजन ढाँचा बन चुका है। जीआईएस‑आधारित मंच पर 23,493 से अधिक डेटा लेयर्स उपलब्ध हैं, जो 12 अक्टूबर 2026 तक साझा प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध कराई गईं।
मुख्य सिद्धांत
- एकीकृत विकास
- मल्टीमॉडल बुनियादी ढाँचा
- अंतिम छोर तक संपर्क की सुविधा
- भूमि अधिग्रहण में तेजी
- मंजूरियों की संख्या में कमी
- पारिस्थितिक प्रभाव को कम करना
प्रोजेक्ट्स की स्थिति
11 अगस्त 2026 तक नेटवर्क नियोजन समूह (एनपीजी) ने लगभग 18.66 लाख करोड़ रुपए की कुल अनुमानित लागत वाले 396 इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन किया। इनमें से 256 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है, और 198 प्रोजेक्ट्स कार्यान्वयन चरण में हैं। प्रमुख प्रोजेक्ट्स में पुणे‑बेंगलुरु एक्सप्रेसवे (699 किमी), जोगीघोपा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (असम) और लद्दाख‑हरियाणा हरित ऊर्जा गलियारा शामिल हैं।
संरचनात्मक इकाइयाँ और कार्यप्रणाली
पीएम गतिशक्ति की निगरानी के लिए तीन मुख्य इकाइयाँ स्थापित की गई हैं:
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- अधिकार प्राप्त सचिवों का समूह (Empowered Group of Secretaries) – कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में, योजना में बदलावों की समीक्षा और मंजूरी देता है।
- नेटवर्क नियोजन समूह (NPG) – बुनियादी ढाँचा मंत्रालयों के प्रमुखों को एक साथ लाता है।
- तकनीकी सहायता इकाई (TSU) – विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को मूल्यांकन प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करती है।
डिजिटल इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स
इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) की स्थापना के साथ राष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जो 10‑वर्षीय या उससे अधिक की अवधि को कवर करेगा। साथ ही, इंटिग्रेटेड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफ़ॉर्म (ULIP) ने 12 केंद्रीय मंत्रालयों की 46 सरकारी प्रणालियों को 142 एपीआई के माध्यम से जोड़ दिया है, जिससे आयात‑निर्यात कंटेनरों की वास्तविक‑समय निगरानी संभव हुई है।
गतिशक्ति विश्वविद्यालय (GSV)
2022 में स्थापित GSV ने जुलाई 2026 तक 2.4 लाख से अधिक अधिकारियों को परिवहन‑लॉजिस्टिक्स विषयों में प्रशिक्षण दिया, जिससे योजना कार्यान्वयन में तकनीकी क्षमता बढ़ी।
मुख्य बातें
- पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान में 396 बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, 18.66 लाख करोड़ रुपए की अनुमानित लागत शामिल।
- 256 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, 198 कार्यान्वयन में।
- 58 केंद्रीय मंत्रालयों और सभी 36 राज्यों‑केंद्र शासित प्रदेशों को एकीकृत जीआईएस मंच पर जोड़ा गया।
- ITLA की स्थापना से राष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान तैयार होगा।
- ULIP ने 12 मंत्रालयों की 46 प्रणालियों को 142 एपीआई के माध्यम से एकीकृत किया।
- GSV ने 2.4 लाख अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया।
भविष्य की दिशा
पाँच साल की यात्रा के बाद पीएम गतिशक्ति ने बुनियादी ढाँचे के नियोजन को एक डिजिटल इकोसिस्टम में बदल दिया है। आगे के वर्षों में इस मंच के माध्यम से लागत‑समय बचत, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और सतत विकास को और सुदृढ़ करने की उम्मीद है।




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