एनएमएमएस ऐप का उन्नत संस्करण: ‘वीबी-जी राम जी’ में फर्जी हाजिरी रोकने की नई तकनीकी पहल
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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत फर्जी हाजिरी को रोकने के लिए राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (एनएमएमएस) ऐप का उन्नत संस्करण पेश किया। इस नई तकनीक में सुरक्षा जांच, एआई‑आधारित फेस वेरीफिकेशन, सजीवता पहचान और ऐप की नकल तथा छेड़छाड़ रोकने के उपाय शामिल हैं, जिससे ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी सुरक्षित रखने और सार्वजनिक धन के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्नत ऐप की प्रमुख विशेषताएँ
- उपकरण‑स्तर सुरक्षा जांच: ऐप को अनधिकृत पहुँच से बचाने के लिए हार्डवेयर‑लेवल एन्क्रिप्शन और टेम्पर‑प्रूफ तकनीक लागू की गई है।
- एआई‑आधारित फेस वेरीफिकेशन: हाजिरी दर्ज करने के समय श्रमिक के चेहरे की रीयल‑टाइम पहचान होती है, जिससे किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर हाजिरी दर्ज करना कठिन हो जाता है।
- सजीवता पहचान (लिवनेस डिटेक्शन): फोटो या वीडियो के बजाय वास्तविक समय में चेहरे की गतियों की जाँच करके बॉट या नकली प्रविष्टियों को रोका जाता है।
- ऑफ़लाइन हाजिरी मोड: नेटवर्क कवरेज न होने वाले क्षेत्रों में भी श्रमिक कार्यस्थल पर हाजिरी दर्ज कर सकते हैं; बाद में नेटवर्क उपलब्ध होने पर डेटा क्लाउड में अपलोड हो जाता है।
- विकल्पिक व्यवस्था: बुजुर्ग, दिव्यांग और तकनीकी समस्याओं वाले श्रमिकों के लिए विशेष सहायता और वैकल्पिक हाजिरी प्रक्रिया उपलब्ध कराई गई है।
विकास में सहयोगी संस्थाएँ
ऐप का विकास भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास और अन्य तकनीकी एजेंसियों के सहयोग से किया गया है। इन संस्थाओं ने सुरक्षा, एआई और डेटा इंटीग्रिटी के क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान की, जिससे ऐप को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की तैयारी पूरी हुई।
ऑफ़लाइन हाजिरी प्रक्रिया
जब नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता, तो कार्यस्थल पर श्रमिक ऐप के ऑफ़लाइन मोड में हाजिरी दर्ज कर सकते हैं। मस्टर रोल बंद होने के बाद नेटवर्क बहाल होने पर सभी प्रविष्टियों को स्वचालित रूप से सर्वर पर अपलोड किया जाएगा, जिससे डेटा की निरंतरता बनी रहती है।
कृषि‑सेवा में प्रगति
चौहान ने बताया कि अब तक देशभर में 10.997 करोड़ किसान आईडी बनाई जा चुकी हैं। दिसंबर 2027 तक 11 करोड़ किसान आईडी बनाने का लक्ष्य केवल 30,000 आईडी दूर है, जिससे ग्रामीण रोजगार योजना के दायरे में और अधिक श्रमिकों को जोड़ने की संभावना बढ़ेगी।
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मुख्य बातें
- एनएमएमएस ऐप का उन्नत संस्करण ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत लॉन्च किया गया।
- आईआईटी मद्रास और अन्य एजेंसियों के सहयोग से एआई‑आधारित फेस वेरीफिकेशन, सजीवता पहचान और उपकरण‑स्तर सुरक्षा जोड़ी गई।
- नेटवर्क न होने पर भी ऑफ़लाइन हाजिरी दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध।
- बुजुर्ग, दिव्यांग और तकनीकी समस्याओं वाले श्रमिकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था।
- देशभर में 10.997 करोड़ किसान आईडी बन चुकी हैं; लक्ष्य 11 करोड़ तक पहुँचने के लिए केवल 30,000 आईडी शेष।
इस पहल से ग्रामीण श्रमिकों की वास्तविक हाजिरी सुनिश्चित होगी, फर्जी हाजिरी के मामलों में कमी आएगी और रोजगार‑संबंधी पारदर्शिता में सुधार होगा। सरकार ने कहा है कि तकनीक के माध्यम से जवाबदेही को मजबूत किया जाएगा, लेकिन नेटवर्क या तकनीकी समस्याओं के कारण वास्तविक श्रमिकों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा।




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