मुस्लिम तुष्टीकरण में सपा से आगे निकली कांग्रेस… इमरान मसूद की ताजपोशी पर BJP का तंज
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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने अपने प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव किए, जिससे पार्टी का सामाजिक समीकरण फिर से स्थापित करने की कोशिश स्पष्ट हुई। आराधना मिश्रा मोना को नया प्रदेश अध्यक्ष और सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि भाजपा ने इस कदम पर तंज किया।
कांग्रेस के प्रमुख संगठनात्मक बदलाव
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले अपने प्रदेश स्तर पर दो प्रमुख पदों पर नई नियुक्तियां कीं:
- आराधना मिश्रा मोना – प्रतापगढ़ की रामपुर खास से तीन बार विधायक चुनी गई, अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष।
- इमरान मसूद – सहारनपुर से 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सांसद, अब कार्यकारी अध्यक्ष।
इनके साथ, दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले राजेन्द्र पाल गौतम को प्रदेश प्रभारी और देवेंद्र निषाद तथा आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। कांग्रेस विधायक दल का नेता वीरेंद्र चौधरी को भी इस बार औपचारिक रूप से नियुक्त किया गया।
आराधना मिश्रा मोना का प्रोफ़ाइल
आराधना मिश्रा प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से लगातार तीन बार कांग्रेस विधायक रही हैं। वह राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी की बेटी हैं और कांग्रेस में वरिष्ठ नेता के रूप में जानी जाती हैं। अब प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनका मुख्य कार्य पार्टी संगठन को सुदृढ़ करना, कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों से जोड़ना और समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ सीट बंटवारे में समझौता करना होगा।
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इमरान मसूद का प्रोफ़ाइल
इमरान मसूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेता हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में सहारनपुर से कांग्रेस के टिकट पर सांसद पद जीता। इससे पहले वह विधायक और सहारनपुर नगर पालिका के अध्यक्ष रहे हैं। कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां भी उन्होंने संभाली हैं। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनका मुख्य लक्ष्य मुस्लिम वोट बैंक को फिर से कांग्रेस के कोर में लाना माना जा रहा है।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर तंज किया। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस मुस्लिम वोट बैंक के तुष्टीकरण में सपा से आगे निकल गई है” और यह इशारा किया कि कांग्रेस ने आलाकमान के इशारे पर सपा के खिलाफ बोलने के लिए इमरान मसूद को इनाम दिया है। त्रिपाठी ने यह भी कहा कि सपा के लिए गठबंधन में चुनौतियां बढ़ गई हैं और संभव है कि अब कांग्रेस को अधिक सीटें मिलें।
कांग्रेस का सामाजिक समीकरण पुनर्स्थापित करने का लक्ष्य
कुछ दशक पहले उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम समुदाय कांग्रेस का कोर वोटबैंक माना जाता था। मंडल राजनीति और भाजपा के उभार के बाद यह समीकरण बिखर गया था। अब कांग्रेस इन दो प्रमुख समुदायों – ब्राह्मण (आराधना मिश्रा) और मुस्लिम (इमरान मसूद) – को प्रमुख पदों पर रखकर फिर से अपना सामाजिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
मुख्य बातें
- आराधना मिश्रा मोना को उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
- इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया, वह 2024 में सहारनपुर से सांसद रहे।
- भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इस बदलाव पर तंज किया, कहा कांग्रेस मुस्लिम वोट बैंक में सपा से आगे है।
- कांग्रेस ने दलित समुदाय से जुड़े राजेन्द्र पाल गौतम को प्रदेश प्रभारी और देवेंद्र निषाद, आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया।
- वीरेंद्र चौधरी को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाया गया।
- उम्मीद है कि ये बदलाव उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी तैयारी को सुदृढ़ करेंगे, विशेषकर आगामी विधानसभा चुनाव (संभावित फरवरी‑मार्च 2025) के संदर्भ में।
इन बदलावों के बाद कांग्रेस का अगला कदम यह देखना होगा कि क्या यह सामाजिक समीकरण पुनर्स्थापित करने की रणनीति वास्तव में वोट बैंक को वापस लाने में सफल होती है या नहीं।




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