मुशीर खान की जादूगरी से मुंबई ने रेलवे को 106 रन से हराया: रणजी ट्रॉफी में चौथी लगातार जीत
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ब्रेबोर्न स्टेडियम में चल रहे रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में मुंबई ने रेलवे को 106 रन से हराकर अपनी लगातार चौथी जीत हासिल की। युवा गेंदबाज मुशीर खान ने अंतिम दिन के निर्णायक ओवरों में जादूगर जैसा प्रदर्शन कर मैच का रुख पलटा, जब रेलवे ड्रॉ या जीत की कगार पर था।
मैच की स्थिति और रेलवे की वापसी
पहले दो दिन में मुंबई ने 234/4 पर अपनी पारी घोषित की, जिसमें दिव्यांश सक्सेना ने अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक बनाया और सरफराज खान के साथ 60 रन की साझेदारी की। दूसरी पारी में रेलवे ने धीरे‑धीरे वापसी की, और ड्रिंक्स ब्रेक तक उनका स्कोर 250/5 था। ईशान गोयल और जुबैर अली ने क्रमशः 83/5 के स्कोर से टीम को बचाया और 167 रन की साझेदारी बनाई। गोयल ने 186 गेंदों में शतक पूरा किया, जबकि अली ने 102 गेंदों में तेज 115 रन बनाए। दोनों ने मुंबई के गेंदबाजों को कड़ी टक्कर दी, जिससे मुंबई को लगा कि केवल एक विकेट बचा है।
मुशीर खान का निर्णायक ओवर
ड्रिंक्स ब्रेक के बाद पहली ही गेंद पर मुशीर खान ने गेंद को लेग‑स्लिप के ऊपर से पैडल‑स्वीप करने की कोशिश करने वाले गोयल को फँसाया। मुशीर के भाई सरफराज खान, जो फर्स्ट स्लिप पर थे, ने शॉट का अनुमान लगाया और लेग‑स्लिप की ओर बढ़कर कैच लपक लिया। इस कैच से 167‑रन की साझेदारी टूट गई। इसके बाद मुशीर ने अली को भी लॉन्ग‑ऑफ पर सूर्यांश शेडगे के हाथों कैच कर आउट किया। दो विकेटों के बाद रेलवे की पारी में तेजी आई और अंतिम 15 रनों में पाँच विकेट गिरे।
मुंबई की अंतिम पारी और जीत
मुंबई की पिच पर राज चौधरी और हिमांशु सांगवान ने कुछ देर तक डटकर बल्लेबाजी की, लेकिन तनुष कोटियन ने चौधरी को आउट कर दिया। फिर मुशीर ने फिर से गेंदबाज़ी में वापसी की और आखिरी बल्लेबाज सांगवान को पवेलियन भेजा। इस क्रम में मुंबई ने कुल 106 रन का अंतर बना कर जीत हासिल की। यह जीत मुंबई के 42 बार के चैंपियन होने के नाते इस सीजन में लगातार चौथी जीत का प्रतीक बनी।
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मुख्य बातें
- मुंबई ने रेलवे को 106 रन से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की।
- मुशीर खान ने अंतिम ओवर में दो प्रमुख विकेट (गोयल, अली) लेकर मैच का रुख बदल दिया।
- रेलवे की 250/5 की पारी में 167‑रन की साझेदारी (गोयल‑अली) को टूटने में मुशीर की प्रमुख भूमिका रही।
- दिव्यांश सक्सेना ने मुंबई की पहली पारी में अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक बनाया।
- तनुष कोटियन ने दोनों टीमों में महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिसमें राज चौधरी और जुबैर अली शामिल हैं।
मुशीर खान की इस जीत में योगदान ने युवा गेंदबाजों के लिए एक प्रेरणा स्थापित की है और मुंबई के क्रिकेट प्रेमियों को फिर से गर्व महसूस कराया है। आगामी मैचों में मुंबई की निरंतरता और टीम की संतुलित प्रदर्शन को देखते हुए, रणजी ट्रॉफी में उनका आगे का सफर रोचक रहेगा।




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