मुरादाबाद जनपद में तेंदुओं का आतंक अब तक 21वें पिंजरे में कैद होने के बाद भी नहीं घटा है। वन विभाग के बड़े रेस्क्यू अभियान के तहत 15 तेंदुओं को ठाकुरद्वारा और 6 को कांठ तहसील क्षेत्र से बचाया गया, पर ग्रामीणों में खौफ का माहौल बना हुआ है।
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तेंदुओं के हमले और मौतें
वन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, तेंदुओं के खूनी हमलों में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 3 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। दर्जनों ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं। साथ ही, सड़कों पर अज्ञात वाहनों की टक्कर से 3 तेंदुओं की भी मौत हो चुकी है।
वर्तमान रेस्क्यू ऑपरेशन
3 अगस्त से शुरू किए गए मेगा ऑपरेशन में कुल 46 पिंजरे संभावित मूवमेंट वाले क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं। वन विभाग ने जंगलों और गन्ने के खेतों में तेंदुओं की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन कैमरों और ‘कैमरा ट्रैप’ का उपयोग किया है। विशेष टीमें 24 घंटे प्रभावित गांवों में कॉम्बिंग और निगरानी कर रही हैं।
कैद किए गए तेंदुओं की स्थिति
कांठ तहसील के सिकंदराबाद गांव में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में 21वां तेंदुआ अब तक कैद हो चुका है। यह तेंदुआ पिछले कई हफ्तों में ग्रामीण इलाकों में घूमते हुए पकड़ा गया था।
मुख्य बातें
- मुरादाबाद में अब तक 21 तेंदुओं को पिंजरे में कैद किया गया।
- तेंदुओं के हमलों में 4 लोगों की मौत (3 महिलाएं, 1 पुरुष) और कई गंभीर चोटें दर्ज।
- सड़कों पर टक्कर से 3 तेंदुओं की भी मौत।
- वन विभाग ने 46 पिंजरे, ड्रोन और कैमरा ट्रैप से मेगा ऑपरेशन चलाया।
- विशेष टीमें 24 घंटे ग्रामीण क्षेत्रों में कॉम्बिंग और निगरानी कर रही हैं।
वन विभाग ने कहा है कि जब तक इलाका पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, यह रेस्क्यू और निगरानी अभियान जारी रहेगा। ग्रामीणों को सतर्क रहने और वन विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
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