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खेल

कनाडा की हाई डाइवर मौली कार्लसन ने 15 मीटर ऊँचे बर्फीले हिमखंड से छलांग लगाकर इतिहास रचा

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 24 Oct 2026• अपडेट 24 Oct 2026
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कनाडा की हाई डाइवर मौली कार्लसन ने 15 मीटर ऊँचे बर्फीले हिमखंड से छलांग लगाकर इतिहास रचा
कनाडा की हाई डाइवर मौली कार्लसन ने न्यूफ़ाउंडलैंड के पास अटलांटिक महासागर में 15 मीटर ऊँचे फिसलते बर्फ के हिमखंड से बैकवर्ड डाइव लगाकर पहली महिला बनीं। रेड बुल क्लिफ डाइविंग ने…

कनाडा की हाई डाइवर मौली कार्लसन ने न्यूफ़ाउंडलैंड के पास अटलांटिक महासागर में एक फिसलते बर्फ के हिमखंड से 15 मीटर ऊँची बैकवर्ड डाइव लगाकर इतिहास रचा। यह छलांग उन्हें इस प्रकार की डाइव करने वाली पहली महिला बनाती है और रेड बुल क्लिफ डाइविंग के सहयोग से इस साहसिक कारनामे को विश्व के सामने लाया गया।

हिमखंड पर चढ़ाई और डाइव की तैयारी

हिमखंड पर चढ़ना स्वयं में अत्यधिक जोखिम भरा कार्य है। बर्फ की सतह अत्यधिक फिसलन वाली होती है और छोटी सी चूक भी गंभीर चोट या डूबने का कारण बन सकती है। मौली ने इस चुनौती के लिए विशेष प्रशिक्षण लिया। उनके साथ क्लाइंबर‑पैराग्लाइडिंग पायलट विल गैड थे, जिन्होंने उन्हें क्रैम्पॉन (बर्फ पर पकड़ बनाने वाले जूते) और विभिन्न आइस टूल्स का उपयोग सिखाया। दोनों ने मिलकर बर्फ पर सुरक्षित चढ़ने, बैलेंस बनाए रखने और डाइव के सही एंगल को निर्धारित करने की प्रैक्टिस की।

डाइव का निष्पादन

वीडियो में मौली को वेटसूट में दिखाया गया है, जहाँ वह बर्फ के पहाड़ के किनारे तक पहुँचती हैं और बिना पीछे देखे ठंडे समुद्र में छलांग लगाती हैं। लगभग 15 मीटर की ऊँचाई से गिरते ही उन्हें तुरंत बर्फीले पानी का तीव्र ठंडा असर महसूस हुआ। डाइव के बाद मौली ने बताया कि पानी से बाहर आते ही उनका पहला विचार था – “तैरो!” – यानी तुरंत तैरते हुए सुरक्षित दूरी बनाना।

डाइव के बाद की भावना

मौली ने अपने यूट्यूब डॉक्यूमेंट्री में कहा कि यह अब तक की सबसे डरावनी चीज़ थी जो उन्होंने की है। उन्होंने यह भी बताया कि हिमखंड इंसान की जिंदगी से कई मायनों में समानता रखता है – सतह पर छोटा हिस्सा दिखता है, जबकि अधिकांश भाग पानी के नीचे छिपा रहता है। इस अनुभव ने उन्हें जीवन की गहरी सीख दी।

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मुख्य बातें

  • मौली कार्लसन ने 15 मीटर ऊँचे फिसलते बर्फ के हिमखंड से बैकवर्ड डाइव लगाई।
  • यह डाइव उन्हें इस प्रकार की डाइव करने वाली पहली महिला बनाती है।
  • डाइव के दौरान वह वेटसूट में थीं और साथ में क्लाइंबर विल गैड थे।
  • तैयारी में क्रैम्पॉन जूते, आइस टूल्स और बर्फ पर बैलेंस प्रैक्टिस शामिल थी।
  • डाइव के बाद मौली ने ठंड के कारण तुरंत तैरते हुए सुरक्षित दूरी बनाने की आवश्यकता महसूस की।
  • रेड बुल क्लिफ डाइविंग ने इस स्टंट को सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे विश्व भर में चर्चा हुई।

रेड बुल क्लिफ डाइविंग का सहयोग

रेड बुल क्लिफ डाइविंग ने इस प्रोजेक्ट को वित्तीय और प्रचारात्मक समर्थन दिया। उनका आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट इस डाइव का वीडियो दिखाता है, जिसमें मौली की साहसिकता और टीम की तैयारी स्पष्ट रूप से झलकती है। इस सहयोग ने मौली के करियर में एक नया मुकाम स्थापित किया और हाई डाइविंग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा।

डाइव का सामाजिक संदेश

डाइव के बाद मौली ने कहा कि हिमखंड का दृश्य इंसान के अंदर छिपी अनदेखी समस्याओं और डर को दर्शाता है। सतह पर दिखने वाली छोटी समस्या अक्सर गहरे पानी में बड़ी चुनौती बन जाती है। इस रूपक के माध्यम से उन्होंने दर्शकों को अपने डर और समस्याओं का सामना करने की प्रेरणा दी।

यह साहसिक डाइव न केवल खेल जगत में एक नई उपलब्धि है, बल्कि व्यक्तिगत सीमाओं को पार करने और जोखिम को समझदारी से प्रबंधित करने का एक प्रेरक उदाहरण भी है।

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