उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान को लेकर किए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में आई शांति, स्थिरता और आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है।
शांति‑विकास पर प्रशंसा
सिन्हा ने बिना फारूक अब्दुल्ला का नाम लिये, यह कहा कि आज भारत की महिमा विश्व के हर मंच पर स्थापित है और कश्मीर में बदलाव की उम्मीद अब फिर से जगी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भारत की बजाय किसी अन्य देश की बात कर रहे हैं, जहाँ लोग आटे के लिए भी कतारों में खड़े होते हैं।
आम कश्मीरी की नई चेतना
उपराज्यपाल ने बताया कि कश्मीर घाटी के आम नागरिक अब ऐसे बयानों को पहचान चुके हैं। सोशल मीडिया पर युवाओं की प्रतिक्रियाएँ दिखा रही हैं कि वे इन बयानों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि उन बयानों के पीछे के लोग विदेशों में पढ़ते‑पढ़ते और लग्जरी जीवन जीते हैं।
आतंकवाद‑अलगाववाद पर कड़ी चेतावनी
सिन्हा ने कहा कि अब कश्मीर में आतंकवाद को दोबारा पनपने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। उन्होंने सुरक्षा बलों और पुलिस को बचे हुए आतंकवादी तत्वों को समाप्त करने का संकल्प लिया है और कहा कि जो भी कश्मीर को हिंसा के रास्ते पर ले जाने की कोशिश करेगा, उसे उसके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
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विकास में बाधा डालने वालों को सख्त सजा
उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि स्कूलों और जनजीवन में खलल डालने वालों को ऐसी सजा दी जाएगी, जिसे आने वाली सात पीढ़ियां याद रखेंगी। उन्होंने कहा कि अब उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं है जो आतंकवाद और अलगाववाद की इंडस्ट्री पर निर्भर थे।
मुख्य बातें
- मनोज सिन्हा ने फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान को कड़ी निंदा की।
- कश्मीर में शांति‑विकास की प्रशंसा की और कहा कि कुछ लोगों को यह बदलाव रास नहीं आ रहा।
- आम कश्मीरी ने ऐसे बयानों को पहचान लिया है, सोशल मीडिया पर युवाओं की तीखी प्रतिक्रिया।
- आतंकवाद‑अलगाववाद को दोबारा उभारे जाने पर कड़ी सजा की चेतावनी दी।
- सुरक्षा बलों ने बचे हुए आतंकवादी तत्वों को समाप्त करने का संकल्प लिया।




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