सुप्रीम कोर्ट में महुआ मोइत्रा की सर्किट हाउस ठहराव याचिका पर सुनवाई
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सुप्रीम कोर्ट ने आज महुआ मोइत्रा की सर्किट हाउस ठहराव याचिका पर सुनवाई की, जिसमें वह पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर निर्वाचन क्षेत्र में दुर्गा पूजा के दौरान सर्किट हाउस में ठहरने की अनुमति चाहती हैं। यह सुनवाई राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों को उजागर करती है।
महुआ मोइत्रा की याचिका के मुख्य बिंदु
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान सर्किट हाउस में ठहरने की अनुमति के लिए याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने यह बताया कि दुर्गा पूजा के समय वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में मौजूद रहना चाहती हैं, जिससे स्थानीय जनता के साथ संवाद स्थापित हो सके।
सुनवाई का समय और स्थान
सुप्रीम कोर्ट में आज (16 अक्टूबर 2026) इस याचिका की सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपने-अपने तर्क प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
दिल्ली में CJP का तिरंगा मार्च
आज (16 अक्टूबर) दिल्ली के सेंट्रल पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा तिरंगे के साथ प्रदर्शन करने की योजना थी। इस कारण कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर के दो दिन के लिए आम जनता के प्रवेश से बंद कर दिया गया। प्रारम्भ में दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी, परन्तु बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने इजाजत दे दी।
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आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी ने कथित वोट चोरी के खिलाफ गुरुवार को आयोजित सामूहिक उपवास रद्द कर, आज सेंट्रल पार्क में तिरंगा यात्रा निकाली।
पंजाब के मुख्यमंत्री की फ्रांस यात्रा पर सुनवाई
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की फ्रांस यात्रा के लिए केंद्र से मंजूरी न मिलने के कारण पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। मान सहित कई अधिकारियों को 15 से 21 अक्टूबर तक फ्रांस जाना था, परन्तु मंजूरी न मिलने से यात्रा अनिश्चित बनी।
मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की सर्किट हाउस ठहराव याचिका पर सुनवाई की।
- याचिका में दुर्गा पूजा के दौरान कृष्णानगर में सर्किट हाउस में ठहरने की अनुमति मांगी गई।
- दिल्ली के सेंट्रल पार्क को CJP के तिरंगे मार्च के कारण 16‑17 अक्टूबर के लिए बंद किया गया।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने CJP को प्रदर्शन की अनुमति दी, जबकि प्रारम्भ में पुलिस ने इन्कार किया था।
- आम आदमी पार्टी ने वोट चोरी विरोधी उपवास रद्द कर तिरंगा यात्रा निकाली।
- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की फ्रांस यात्रा पर केंद्र से मंजूरी न मिलने के कारण हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
इन घटनाओं के विकास को देखते हुए, राजनीतिक दलों और प्रशासनिक संस्थाओं के बीच कानूनी प्रक्रियाओं का महत्व स्पष्ट हो रहा है। आगे की जानकारी के लिए GBNewsIndia के अपडेट्स पर नज़र रखें।




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