लखनऊ में फिर चाइनीज मांझे का कहर: बाइक सवार के गले में फंसा धागा, चार टांके
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लखनऊ में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का फिर से खतरनाक असर दिखा, जब बर्लिंगटन चौराहे के पास बाइक सवार के गले में धागा फँस गया। गले में गहरा घाव होने के कारण डॉक्टरों ने चार टांके लगाए। यह घटना मांझे से जुड़ी लगातार बढ़ती चोटों और मौतों की लहर को फिर से उजागर करती है।
घटना का विवरण
मंगेश, जो उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के तकरोही स्थित अमराई गांव के रहने वाले हैं और आर्केस्ट्रा व जागरण में ढोलक बजाते हैं, शुक्रवार सुबह अपने काम के सिलसिले में बाइक से बर्लिंगटन की ओर जा रहे थे। बर्लिंगटन चौराहे के पास हवा में लटक रहा चाइनीज मांझा अचानक उनके गले में फँस गया। मांझे की तेज़ धार ने उनका गला काट लिया, जिससे बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह डिवाइडर से टकरा कर गिर पड़े।
मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत मंगेश को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने घाव की गंभीरता को देखते हुए गले में चार टांके लगाए। सौभाग्य से उनकी जान बच गई, पर इस घटना ने मांझे की बिक्री पर रोक और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग को और तीव्र कर दिया।
चाइनीज मांझे से जुड़े पिछले हादसे
चाइनीज मांझे से जुड़े दुर्घटनाओं का सिलसिला नया नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कई गंभीर चोटें और मौतें दर्ज हुई हैं:
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मुख्य बातें
- बर्लिंगटन चौराहे के पास चाइनीज मांझा मंगेश के गले में फँस गया, चार टांके लगाए गए।
- पिछले चार साल में कम से कम आठ गंभीर चोटें और दो मौतें दर्ज हुई हैं।
- मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध है, परन्तु सड़क पर अभी भी इसका उपयोग जारी है।
- प्रशासन से मांझे की पूरी तरह से रोक और सख्त कार्रवाई की मांग बढ़ी है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और भविष्य की दिशा
स्थानीय प्रशासन ने मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के दावे किए हैं, परन्तु जमीन पर इसका प्रभाव सीमित दिख रहा है। कई नागरिक और सामाजिक संगठनों ने मांझे की अनियमित बिक्री को रोकने, बाजार में निगरानी बढ़ाने और सड़कों पर चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रभावी रोकथाम के लिए न केवल बिक्री पर प्रतिबंध, बल्कि मौजूदा स्टॉक की जाँच, सार्वजनिक जागरूकता अभियान और सख्त दंड व्यवस्था आवश्यक है।
निष्कर्ष
लखनऊ में चाइनीज मांझे से जुड़ी लगातार बढ़ती चोटें और मौतें इस बात का संकेत देती हैं कि वर्तमान प्रतिबंध पर्याप्त नहीं है। प्रशासन को तुरंत ठोस कदम उठाकर इस जानलेवा वस्तु की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण रोक लागू करनी चाहिए, ताकि सड़कों पर चलने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।




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