केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से रेस कोर्स मस्जिद व कब्रिस्तान के संरक्षण की मांग पर चर्चा
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जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन क़ासमी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की। इस बैठक में रेस कोर्स मस्जिद और उसके पीछे स्थित कब्रिस्तान के संरक्षण की मांग को रेखांकित किया गया।
मेमोरेंडम में प्रमुख बिंदु
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को एक विस्तृत मेमोरेंडम सौंपा, जिसमें निम्नलिखित बिंदु प्रमुख रूप से उल्लेखित थे:
- रेस कोर्स मस्जिद धार्मिक, ऐतिहासिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
- सरकारी अभिलेखों में इस मस्जिद के संबंध में दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद हैं, जैसे NDNDMC की हेरिटेज सूची (क्रम संख्या 22) और दिल्ली गजट 1977 (क्रम संख्या 18)।
- मस्जिद में नमाज़ियों की आवाजाही पर पाबंदी, पानी‑बिजली की आपूर्ति बंद और ध्वस्तीकरण की आशंकाएँ मौजूद हैं।
- तत्काल बुनियादी सुविधाओं की बहाली और ध्वस्तीकरण से रोकने के लिए कानूनी उपायों की मांग।
- दिल्ली वक्फ बोर्ड और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) से विस्तृत रिपोर्ट तथा संपत्ति की कानूनी स्थिति की पुष्टि की आवश्यकता।
मुख्य बातें
- रेस कोर्स मस्जिद NDMC की हेरिटेज सूची में क्रम संख्या 22 पर दर्ज है।
- दिल्ली गजट 1977 में इस मस्जिद का क्रम संख्या 18 पर उल्लेख है।
- केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की संशोधित सूची में भी संपत्ति पहचान संख्या के साथ इसका समावेश है।
- मस्जिद में पानी‑बिजली की आपूर्ति बंद और नमाज़ियों की आवाजाही पर पाबंदी लागू है।
- जमीयत उलमा-ए-हिंद ने ध्वस्तीकरण को रोकने के लिए सभी कानूनी उपाय अपनाने की प्रतिबद्धता जताई।
- मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद आश्वासन दिया कि वे इस पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य
बैठक में निम्नलिखित व्यक्तियों ने भाग लिया:
- मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन क़ासमी – महासचिव, जमीयत उलमा-ए-हिंद
- मौलाना मुहम्मद कासिम नूरी – अध्यक्ष, जमीयत उलमा, दिल्ली प्रदेश
- मौलाना कारी आरिफ क़ासमी – उपाध्यक्ष, जमीयत उलमा, दिल्ली प्रदेश
- हाफिज़ यूसुफ़ आज़मी – नाज़िम‑ए‑तंजीम, जमीयत उलमा, दिल्ली प्रदेश
- मौलाना हारून राही – इमाम एवं ख़तीब, रेस कोर्स मस्जिद
- मौलाना ज़ियाउल्लाह क़ासमी – आयोजक, जमीयत उलमा-ए-हिंद
- मौलाना अरशद नदवी – सदस्य
आगे की कार्यवाही
जमीयत उलमा-ए-हिंद ने मंत्री से अनुरोध किया कि वे दिल्ली वक्फ बोर्ड और NDMC से विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त करें, सरकारी अभिलेखों की पूरी जांच करवाएँ और मौजूदा कानूनी आदेशों का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, पानी‑बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की त्वरित बहाली की मांग की गई। मंत्री ने कहा कि वे इस मामले में अपनी पूरी शक्ति से हस्तक्षेप करेंगे और संबंधित विभागों को निर्देशित करेंगे।




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