खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल की संभावना: पाकिस्तान की शीर्ष नेतृत्व ने इमरान खान समर्थकों के मार्च को लेकर रणनीति बनाई
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पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति की समीक्षा के बाद खैबर पख्तूनख्वा (KP) में आपातकाल (इमरजेंसी) लगाने का संभावित फैसला किया। यह कदम इमरान खान के समर्थकों के लगातार मार्च और प्रदेश में बढ़ती अस्थिरता के जवाब में उठाया गया।
बैठक का पृष्ठभूमि और निर्णय
शनिवार को राष्ट्रपति भवन में हुई बैठक में सरकार के प्रमुख और राजनीतिक वर्ग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस बैठक में 13 अक्टूबर को नेशनल असेंबली और सीनेट के अलग-अलग सत्र बुलाने का भी निर्णय लिया गया। यह सभी निर्णय PTI (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) के समर्थकों के विरोध मार्च के बीच लिये गये।
इमरान खान के समर्थकों का मार्च
इमरान खान, जो 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं, के समर्थकों ने 4 अक्टूबर को लक्की मरवत से मार्च शुरू किया। यह मार्च खैबर पख्तूनख्वा के कई जिलों से होकर गुजर रहा है, जहाँ के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी इसका नेतृत्व कर रहे हैं। मार्च का मुख्य उद्देश्य इमरान खान को जेल से रिहा कराना और उनके खिलाफ दर्ज 100 से अधिक मामलों में न्याय सुनिश्चित करना है।
PTI की मुख्य मांगें
- इमरान खान तक तुरंत पहुंच और निजी डॉक्टरों को मिलने की अनुमति।
- गिरफ्तार बहनों और समर्थकों की रिहाई।
- उनकी पत्नी बुशरा बीबी की उचित मेडिकल जांच।
- केस की सुनवाई में किसी भी प्रकार के सरकारी हस्तक्षेप का न होना।
खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल का प्रस्ताव
‘जियो न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति भवन में हुई बैठक में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अफरीदी के नेतृत्व में चल रहे मार्च को देखते हुए खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लगाने का फैसला लिया गया। इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए रविवार को संघीय कैबिनेट की बैठक होगी, और उसके बाद सोमवार को संसद के सामने आधिकारिक प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
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गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी का बयान
गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने बताया कि आपातकाल को ‘आखिरी उपाय’ माना जा रहा है और तनाव कम करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान में इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।
मुख्य बातें
- राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने KP में आपातकाल की संभावना पर चर्चा की।
- इमरान खान के समर्थकों का मार्च 4 अक्टूबर से शुरू, लक्की मरवत से खैबर पख्तूनख्वा तक फैला।
- PTI की मुख्य मांगें: खान की रिहाई, डॉक्टरों की अनुमति, समर्थकों की रिहाई, पत्नी की मेडिकल जांच।
- 13 अक्टूबर को नेशनल असेंबली और सीनेट के अलग-अलग सत्र बुलाए जाएंगे।
- रविवार को संघीय कैबिनेट बैठक, सोमवार को संसद में आपातकाल प्रस्ताव पेश।
- गृह राज्य मंत्री ने आपातकाल को अंतिम उपाय बताया, सभी विकल्पों पर विचार जारी।
पाकिस्तान में इस समय की राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए, खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल का प्रस्ताव देश के भविष्य में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। आगे की जानकारी के लिए सरकारी बयानों और संसद के निर्णयों का इंतजार रहेगा।




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