जदयू विधायक अनंत सिंह ने ‘नौ हत्याओं’ वाले बयान पर सफाई दी, कहा‑‘गलत समझा गया’
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जदयू (जूनियर डेमोक्रेटिक यूनियन) के विधायक अनंत कुमार सिंह ने शनिवार को अपने विवादास्पद बयान पर स्पष्टता प्रदान की। उन्होंने कहा कि ‘नीतीश कुमार के लिए नौ हत्याएँ’ का उल्लेख उनके द्वारा लालू प्रसाद यादव की सरकार में हुए व्यक्तिगत त्रासदी को दर्शाने के लिये था, न कि किसी राजनीतिक साजिश को।
बयान का मूल संदर्भ
एक दिन पहले अनंत सिंह ने कहा था कि उन्होंने नीतीश कुमार के साथ अपने संबंध को मजबूत करने के लिये नौ लोगों की हत्या करवायी थी। यह टिप्पणी तुरंत सियासत में हलचल मचा गई और कई मीडिया हाउस ने इसे ‘हत्याकांड’ के रूप में रिपोर्ट किया।
साफ‑सफ़ाई के मुख्य बिंदु
- संदर्भ: अनंत सिंह ने कहा कि यह बयान लालू प्रसाद यादव की पार्टी (RJD) सत्ता में रहने के दौरान उनके परिवार के नौ लोगों की हत्या से जुड़ा था।
- गलतफहमी: उन्होंने दावा किया कि उनका इरादा नीतीश कुमार को समर्थन या किसी हत्या का आदेश देना नहीं था, बल्कि व्यक्तिगत पीड़ा को उजागर करना था।
- पार्टी की प्रतिक्रिया: जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि ऐसे बयान को ‘गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए’ और पार्टी ने इस पर आंतरिक चर्चा की है।
- विधान परिषद चुनाव में स्थिति: अनंत सिंह ने बताया कि वह जदयू के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ नहीं, बल्कि जन सरज पार्टी के अनुज सिंह को समर्थन दे रहे हैं, जिससे उन्होंने पार्टी के भीतर ‘बगावत’ का आरोप खारिज किया।
विधान परिषद चुनाव में अनंत सिंह की भूमिका
विधान परिषद चुनावों के निकट आते ही अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि वह जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा की टिप्पणी पर ‘बगावत’ नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई ने उनके स्पष्टीकरण को ध्यान में रखा है और वर्तमान में एनडीए के सभी आठ सीटों को जीतने की संभावना है।
पार्टी के भीतर गतिशीलता
- अनंत सिंह ने पहले RJD में कार्य किया था और स्वर्गीय दिलीप सिंह (लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री) के भाई हैं।
- वह अक्सर अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के कारण अपने विचारों को स्पष्ट करने में कठिनाई का उल्लेख करते हैं।
- वर्तमान में वह जदयू के भीतर नीतीश कुमार के साथ दो दशकों से चल रहे ‘संरक्षण’ को लेकर अपने समर्थन को दोहराते हैं।
मुख्य बातें
- अनंत सिंह ने ‘नौ हत्याओं’ वाले बयान को व्यक्तिगत त्रासदी के रूप में बताया, न कि राजनीतिक साजिश के रूप में।
- जदयू ने बयान को ‘गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए’ कहा, लेकिन पार्टी ने आंतरिक चर्चा कर ली है।
- विधान परिषद चुनाव में वह जदयू के उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सरज पार्टी के अनुज सिंह को समर्थन दे रहे हैं।
- अनंत सिंह ने कहा कि उनका इरादा नीतीश कुमार को ‘धोखा’ देना नहीं है, बल्कि दो दशकों से उनका संरक्षण रहा है।
इस स्पष्टीकरण के बाद भी राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा है कि अनंत सिंह के बयान का प्रभाव जदयू के भीतर और बिहार की सियासत में किस हद तक रहेगा, यह आगे की घटनाओं पर निर्भर करेगा।




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