जम्मू‑कश्मीर के IAS राजीव रंजन पर महिला अधिकारी को ‘ब्लडी शिट’ अपशब्द का आरोप, विवाद की पूरी जानकारी
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जम्मू‑कश्मीर के श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव और वरिष्ठ IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन को एक वायरल वीडियो में महिला अधिकारी को ‘ब्लडी शिट’ अपशब्द कहने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद कई राजनीतिक दलों ने कार्रवाई की मांग की है, जबकि रंजन के खिलाफ पहले भी CBI द्वारा जांच और गिरफ्तारी हुई थी।
वायरल वीडियो में क्या कहा गया
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग में JKAS अधिकारी बीनीश वानी ने अपने काम के प्रदर्शन के बारे में सवाल उठाए। रंजन ने जवाब में कहा, “अगर बाकी लोग काम कर रहे हैं, तो आपको NRLM की क्या जरूरत है? क्या आपका काम सिर्फ चिट्ठियां लिखना और मेडल पाना है?” वानी ने अपनी बात रखने पर रंजन ने “चुप रहो” और “तुम बिल्कुल बकवास हो” जैसे शब्दों से जवाब दिया। आगे रंजन ने वानी को “बाहर निकल जाने” और सस्पेंड करने का आदेश देने की बात कही।
मुख्य बातें
- वायरल वीडियो में रंजन ने महिला KAS अधिकारी को ‘ब्लडी शिट’ अपशब्द कहा।
- वीडियो में रंजन ने वानी को “चुप रहो” और “बकवास” जैसे शब्दों से अपमानित किया।
- वानी ने इस घटना को उच्च अधिकारियों के सामने उठाया और पत्रकारों को बताया कि यह समीक्षा बैठक के दौरान हुआ।
- रंजन पर 2018 में CBI ने अवैध हथियार लाइसेंस जारी करने के मामले में कार्रवाई की थी; बाद में उन्हें सस्पेंड कर दिया गया, पर 2021 में समीक्षा समिति की सिफारिश पर बहाल किया गया।
- रंजन 20 दिसंबर 1977 को जन्मे, 2010 बैच के IAS अधिकारी हैं, AGMUT कैडर में हैं और V.B.U. हजारीबाग से इंजीनियरिंग की डिग्री रखते हैं।
- वर्तमान में वे 1 जनवरी 2024 से श्रीनगर में श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव के रूप में कार्यरत हैं।
पिछला CBI मामला
2018 में CBI ने रंजन के खिलाफ अवैध हथियार लाइसेंस जारी करने के आरोप में जांच शुरू की। जांच में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बड़ी संख्या में हथियार लाइसेंस जारी करने का पता चला। इस कारण जम्मू‑कश्मीर सरकार ने रंजन को सस्पेंड कर दिया था। फरवरी 2021 में एक समीक्षा समिति की सिफारिशों के बाद उन्हें पुनः पदस्थापित किया गया।
राजीव रंजन का प्रोफ़ाइल
कुमार राजीव रंजन का जन्म 20 दिसंबर 1977 को हुआ। उन्होंने V.B.U. हजारीबाग से इंजीनियरिंग में स्नातक किया और 2010 में IAS में चयनित हुए। उनका कैडर AGMUT (अंडर ग्रुप मल्टी‑स्टेट) है। उन्होंने विभिन्न विभागों में विशेष सचिव, प्रोबेशनर और अब श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव के पदों पर कार्य किया है। वे बिहार के रहने वाले हैं।
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राजनीतिक प्रतिक्रिया
वीडियो के वायरल होने के बाद सत्ताधारी राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और कई अन्य दलों ने रंजन के खिलाफ सस्पेंशन या कड़ी कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर भी कई उपयोगकर्ताओं ने इस प्रकार के अपमानजनक भाषा के प्रयोग की निंदा की है।
वानी की प्रतिक्रिया
वानी ने पत्रकारों को बताया कि वह इस घटना को उच्च अधिकारियों के सामने उठाएगी और उन्होंने कहा कि रंजन ने उन्हें “भाड़ में जाओ” कहकर अपमानित किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना एक समीक्षा बैठक के दौरान हुई थी।
निष्कर्ष
जम्मू‑कश्मीर में इस विवाद ने प्रशासनिक स्तर पर शिष्टाचार और कार्यस्थल में सम्मान के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। साथ ही, रंजन के खिलाफ पहले से चल रही CBI जांच और उनके पुनःस्थापना के बाद भी इस प्रकार की घटना प्रशासनिक जवाबदेही के प्रश्न उठाती है। आगे की कार्रवाई के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।




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