जामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग पर बवाल: इमरान मसूद और मोहिबुल्लाह नदवी को पुलिस ने हिरासत में
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दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों ने 12 दिन से भूख हड़ताल जारी रखी है। इस दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिससे परिसर में तनाव बढ़ गया।
भूख हड़ताल और छात्र संघ चुनाव की मांग
जामिया में छात्र संघ को 2019 में बंद कर दिया गया था, जिसके बाद से छात्रों ने कई बार चुनाव बहाल करने की मांग की है। छात्रों ने इस मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन और भूख हड़ताल का सहारा लिया, जो अब 12वें दिन पर है। वे विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली सरकार से छात्र संघ की पुनर्स्थापना और चुनाव कराने का आग्रह कर रहे हैं।
सांसदों की हिरासत
देर रात तक चले प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के साथ जुड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने सरिता विहार थाने ले जाया। मसूद ने छात्रों की मांग को “जायज” कहा और छात्र संघ की बहाली की वकालत की। उसी समय समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को भी छात्रों से मिलने जाते समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों सांसदों को बाद में रिहा किया गया, परंतु इस घटना ने परिसर में तनाव को और बढ़ा दिया।
विवादित स्लोगन और अतिरिक्त आरोप
जामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर “फ्री कश्मीर” और “फ्री शरजील इमाम” जैसे विवादित स्लोगन लिखे जाने के आरोप भी लगे हैं। यह मुद्दा भी प्रशासन और छात्रों के बीच तनाव का एक और कारण बन रहा है।
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मुख्य बातें
- जामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग पर 12 दिन से भूख हड़ताल चल रही है।
- कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
- मसूद ने छात्रों की मांग को जायज बताया और चुनाव की वकालत की।
- विश्वविद्यालय की दीवारों पर “फ्री कश्मीर” और “फ्री शरजील इमाम” जैसे स्लोगन लिखे जाने के आरोप लगे हैं।
जामिया में चल रहे इस विरोध को लेकर आगे की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। छात्र संघ चुनाव की मांग और राजनीतिक हस्तियों की भागीदारी के कारण यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।




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