इज़राइल में वोट चोरी के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने कहा, परिणाम नहीं बदलेंगे
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इज़राइल में हालिया चुनाव के परिणामों को लेकर विवाद जारी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अरब‑नेतृत्व वाली पार्टियों पर वोट चोरी और विदेशी दखल के आरोप लगाए, जबकि चुनाव आयोग ने कहा कि इन आरोपों की पुष्टि होने पर भी परिणाम नहीं बदले जाएंगे।
चुनाव आयोग का बयान
रविवार को इज़राइल के चुनाव आयोग के प्रमुख नोआम सोलबर्ग ने एक वीडियो संदेश में कहा कि यदि विदेशी दखल या वोट चोरी के आरोप सही साबित होते हैं, तो भी संसद के 120 सीटों में से चुने गए प्रतिनिधियों के पद नहीं बदलेंगे। इस बयान के दौरान इज़राइल की इंटरनल सिक्योरिटी एजेंसी शिन बेट के प्रमुख और अटॉर्नी जनरल भी मौजूद थे।
पुलिस द्वारा दो आरोपियों की रिहाई
इज़राइल पुलिस ने मंगलवार को वोटिंग शुरू होने से पहले तीन राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था, जिन पर कैश‑भरे लिफाफे लेकर वोट खरीदने का आरोप था। रविवार को दो आरोपियों को रिहा कर दिया गया। एक को शर्तों के साथ छोड़ दिया गया, जबकि दूसरे को घर में रहने का आदेश दिया गया। दोनों का संबंध अरब‑नेतृत्व वाली पार्टी राअम (Raam) से है, जिसने इस चुनाव में 8 सीटें जीतीं।
राअम पार्टी की प्रतिक्रिया
राअम के प्रमुख मंसूर अब्बास ने गिरफ्तारी की निंदा की और इसे अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई चुनाव के परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश है।
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राजनीतिक परिदृश्य और गठबंधन की संभावनाएँ
विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट ने नेतन्याहू पर चुनाव के परिणामों को बदनाम करने के लिए संगठित अभियान चलाने का आरोप लगाया। 27 नवंबर को हुए चुनाव में लिकुड गठबंधन को 53 सीटें मिलीं, जबकि आइजेनकोट के गठबंधन को 48 सीटें मिलीं। सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की आवश्यकता है। तीन अरब‑नेतृत्व वाली पार्टियों ने मिलकर रिकॉर्ड 19 सीटें जीतीं। यदि ये पार्टियां आइजेनकोट के साथ मिलें तो उनका गठबंधन 67 सीटों तक पहुँच सकता है।
अगले कदम
चुनाव के परिणाम 4 नवंबर को आधिकारिक रूप से प्रमाणित किए जाएंगे। इसके बाद राष्ट्रपति इसाक हर्जोग किसी एक उम्मीदवार को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे। नई सरकार बनाने के लिए 11 नवंबर तक का समय निर्धारित है।
मुख्य बातें
- चुनाव आयोग ने कहा, विदेशी दखल के आरोप सही साबित होने पर भी परिणाम नहीं बदलेंगे।
- पुलिस ने वोट खरीदने के शंकित दो कार्यकर्ताओं को रिहा किया; उनका संबंध राअम पार्टी से है।
- लिकुड गठबंधन को 53 सीटें, आइजेनकोट गठबंधन को 48 सीटें मिलीं; कुल 120 सीटें में से 61 की जरूरत सरकार बनाने के लिए।
- तीन अरब‑नेतृत्व वाली पार्टियों ने मिलकर 19 सीटें जीतीं, संभावित गठबंधन से आइजेनकोट के पास 67 सीटें हो सकती हैं।
- परिणाम 4 नवंबर को प्रमाणित, नई सरकार बनाने की अंतिम तिथि 11 नवंबर।




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