इंडियन यूथ कांग्रेस ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जंतर‑मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत न मिलने को चुनौती
3 मिनट में पढ़ें

इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने जंतर‑मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत न मिलने के फैसले को चुनौती दी है। IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने 1 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस द्वारा खारिज किए गए आवेदन के खिलाफ अपील की, जिसमें उन्होंने 25 सितंबर को 100‑150 लोगों के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी।
याचिका का मुख्य दावें
उदय भानु चिब ने याचिका में कहा कि IYC ने सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, अनुशासन और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी सभी कानूनी शर्तों का पालन करने का वादा किया था। फिर भी, बार‑बार फॉलो‑अप करने के बाद भी पुलिस ने 1 अक्टूबर को ही इजाजत नहीं देने की सूचना दी, जो प्रदर्शन की पहली प्रस्तावित तिथि थी। याचिका में यह तर्क दिया गया है कि पुलिस की असेंबली को नियंत्रित करने की शक्ति, बिना उचित व्यक्तिगत आकलन के, पूरी तरह रोक लगाने तक नहीं है।
संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन
याचिका में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस का यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(b) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांति से सभा करने के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। साथ ही, प्रदर्शन और सभाओं को नियंत्रित करने वाली गाइडलाइंस के ‘मैकेनिकल एप्लीकेशन’ को भी चुनौती दी गई है।
प्रदर्शन का पृष्ठभूमि
IYC ने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। यह कदम मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाया गया था, जिसके बाद IYC ने CEC के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े, सफेद मास्क और खोपड़ी के पेंडेंट पहने, खुद को ‘ज़िंदा भूत’ कहकर दर्शाया, और कहा कि उन्हें जीवित होने के बावजूद मतदाता सूची से हटाया गया है।
आपके लिए संबंधित खबरें
मार्ग और रोक
चिब के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने रायसीना रोड स्थित IYC कार्यालय से जंतर‑मंतर तक मार्च करने की कोशिश की। परन्तु, पुलिस ने उन्हें कार्यालय के बाहर ही रोक दिया और इजाजत नहीं दी। इस कारण IYC ने कोर्ट में याचिका दायर कर इस निर्णय को रद्द करने की मांग की है।
आगे की कार्यवाही
उदय भानु चिब ने बताया कि याचिका अगले हफ्ते हाई कोर्ट में सुनी जा सकती है। यदि कोर्ट इजाजत न देने के आदेश को निरस्त करता है, तो IYC को जंतर‑मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मिल सकती है। अन्यथा, IYC को अपने विरोध को अन्य वैध माध्यमों से जारी रखना पड़ेगा।
मुख्य बातें
- IYC ने 25 सितंबर को जंतर‑मंत्र पर 100‑150 लोगों के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत के लिए आवेदन किया।
- दिल्ली पुलिस ने 1 अक्टूबर को आवेदन खारिज कर दिया, जिससे IYC ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
- याचिका में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(b) के उल्लंघन का दावा किया गया है।
- प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची में अनियमितताओं को उजागर करना था।
- उदय भानु चिब ने कहा कि कोर्ट में सुनवाई अगले हफ्ते हो सकती है।
यह मामला दिल्ली में राजनीतिक अभिव्यक्ति और सार्वजनिक सभा के अधिकारों के संतुलन को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी परीक्षण बन सकता है।




टिप्पणियाँ
0