भारतीय नौसेना ने CTF-154 की कमान में 8 महीने सफलतापूर्वक पूरा किया
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भारतीय नौसेना ने 11 फरवरी को इटली की नौसेना से Combined Maritime Forces (CMF) की टास्क फोर्स-154 (CTF-154) की कमान संभाली और 8 महीने बाद बहरीन की राजधानी मनामा में इस कमान को सौंपते हुए एक सफल मिशन का समापन किया। इस अवधि में भारत ने 39 देशों के सैन्य और समुद्री सुरक्षा कर्मियों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ किया।
CTF-154 की भूमिका और भारतीय नौसेना का योगदान
CTF-154 समुद्री सुरक्षा, समुद्री कानून का कार्यान्वयन, समुद्री डकैती से निपटना और विभिन्न देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए स्थापित एक बहुराष्ट्रीय टास्क फोर्स है। भारतीय नौसेना ने इस कमान के तहत 20 प्रशिक्षण कार्यक्रम और 2 बड़े बहुराष्ट्रीय मिलिट्री प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए। कुल मिलाकर 7,800 घंटे से अधिक की प्रशिक्षण प्रदान की गई, जिसमें समुद्री निगरानी, साइबर सुरक्षा, नई तकनीक और ज्वाइंट ऑपरेशन की योजना जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे।
मुख्य उपलब्धियां
- 20 प्रशिक्षण प्रोग्राम और 2 बड़े बहुराष्ट्रीय मिलिट्री प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए।
- पहली बार SPAR-2026 विशेषज्ञ बैठक आयोजित की, जिसमें समुद्री डकैती और हथियारों के बल पर लूटपाट से निपटने के उपायों पर चर्चा हुई।
- ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 – भारत में आयोजित CMF की पहली बड़ी ट्रेनिंग, जिसमें 27 देशों के 276 सैन्य और समुद्री सुरक्षा कर्मियों ने भाग लिया।
- कुल 3,800 घंटे की ट्रेनिंग के साथ भारतीय नौसेना के आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर्स, सिम्युलेटर और ऑपरेशनल सुविधाओं का प्रदर्शन किया।
- 5-6 अक्टूबर को SPAR-2026 में 25 देशों के 135 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें 19 संगठनों और विशेषज्ञ टीमों ने योगदान दिया।
ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 का विवरण
यह अभ्यास 20 से 23 जुलाई के बीच कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में आयोजित हुआ। इस दौरान 27 देशों के 276 सैन्य और समुद्री सुरक्षा कर्मियों ने भाग लेकर लगभग 3,800 घंटे की व्यावहारिक ट्रेनिंग प्राप्त की। प्रतिभागियों को भारतीय नौसेना के उन्नत सिम्युलेटर, समुद्री निगरानी प्रणाली और ज्वाइंट ऑपरेशन प्लानिंग टूल्स का प्रत्यक्ष अनुभव मिला, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग की क्षमता में वृद्धि हुई।
SPAR-2026 विशेषज्ञ बैठक
5 और 6 अक्टूबर को आयोजित इस बैठक में 25 देशों के 135 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में समुद्री डकैती की बदलती चुनौतियों, साइबर सुरक्षा जोखिमों और नई तकनीकों के उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। 19 विभिन्न संगठनों और विशेषज्ञ टीमों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे भविष्य में बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा संचालन के लिए रणनीतिक दिशा-निर्देश तैयार किए जा सके।
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हिंद महासागर में भारत की बढ़ती भूमिका
भारत ने 2022 में CMF का एसोसिएट पार्टनर और 2023 में पूर्ण सदस्यता प्राप्त की। CTF-154 की कमान संभालना और सफलतापूर्वक समाप्त करना भारत की समुद्री सुरक्षा में प्रशिक्षण क्षमता, अंतरराष्ट्रीय समन्वय और सहयोग को दर्शाता है। इस मिशन ने भारत को समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख सहयोगी के रूप में स्थापित किया है।
मुख्य बातें
- भारतीय नौसेना ने CTF-154 की कमान पहली बार संभाली और 8 महीने में सफलतापूर्वक समाप्त की।
- 39 देशों के 7,800 घंटे से अधिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
- ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 – भारत में आयोजित CMF की पहली बड़ी ट्रेनिंग।
- SPAR-2026 विशेषज्ञ बैठक में 25 देशों के 135 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
- हिंद महासागर में भारत की समुद्री सुरक्षा में भूमिका और भी सुदृढ़ हुई।




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