INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद में मीटिंग की, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर चौथे दिन का प्रदर्शन
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INDIA गठबंधन (विपक्षी दल) के सांसद 9 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे संसद के संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में मीटिंग करेंगे। यह मीटिंग लगातार चौथे दिन ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के बाद आयोजित की जा रही है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुख एजेंडा है।
मीटिंग का एजेंडा और मांगें
स्रोतों के अनुसार, गठबंधन के सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है। यदि उन्हें अपॉइंटमेंट नहीं मिलता, तो उन्होंने कहा कि “सभी विकल्प खुले हैं”। इस संदर्भ में संभावित प्रदर्शन स्थल के रूप में सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति का आवास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के आवास का उल्लेख किया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त की सुरक्षा में वृद्धि
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा को पहले से ही ‘Z+’ स्तर पर रखा गया था, पर अब इसमें अतिरिक्त कमांडो शामिल कर सुरक्षा को और सुदृढ़ किया गया है। विपक्षी दल ने इस सुरक्षा को भी अपने विरोध का एक कारण बताया है और लगातार इस मुद्दे को उठाते हुए इस्तीफे की मांग कर रहा है।
पिछले प्रदर्शन की स्थिति
विपक्षी नेताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने तीन FIR दर्ज की हैं। FIR में पुलिस कर्मियों पर हमले, सरकारी काम में बाधा डालना, धक्का‑मुक्की, पुलिस के साथ हाथापाई और दुर्व्यवहार के आरोप शामिल हैं। इन FIR में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम भी शामिल हैं। राहुल गांधी को बुधवार को बैरिकेड गेट खोलने की कोशिश करते हुए देखा गया और बाद में हिरासत में लिया गया।
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बीजेपी का जवाब
भाजपा ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आरोपों को खारिज कर दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि यदि राहुल गांधी में हिम्मत है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और कांग्रेस नेताओं पर अराजक मानसिकता रखने का आरोप लगाया।
मुख्य बातें
- INDIA गठबंधन के सांसद 9 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में मीटिंग करेंगे।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर चौथे दिन का विरोध प्रदर्शन तय है।
- गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपॉइंटमेंट मांगा, न मिलने पर सभी विकल्प खुले रखने की बात कही।
- संभावित प्रदर्शन स्थल: सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति का आवास, प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के आवास।
- ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा में अतिरिक्त कमांडो शामिल कर ‘Z+’ स्तर से आगे बढ़ाई गई।
- पिछले प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने तीन FIR दर्ज की, जिनमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम शामिल हैं।
- भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया और राहुल गांधी को इस्तीफा देने का आह्वान किया।
आगे की संभावनाएँ
यदि राष्ट्रपति से अपॉइंटमेंट नहीं मिलता, तो गठबंधन के पास विभिन्न विकल्प खुले हैं, जिसमें प्रमुख सरकारी इमारतों के बाहर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शामिल हो सकता है। इस स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है, जैसा कि पहले के प्रदर्शन में देखा गया।
विपक्षी दल की यह निरंतर कार्रवाई भारतीय राजनीति में मौजूदा तनाव को दर्शाती है, जहाँ चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीव्र बहस चल रही है। आगे के विकास को देखते हुए, सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक प्राधिकरणों को स्थिति की निगरानी और संभावित अशांति को रोकने के लिए तैयार रहना आवश्यक होगा।




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