इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर की दिल्ली रैली के लिए यूपी कांग्रेस ने तैयार किया विस्तृत रणनीतिक प्लान
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दिल्ली में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली इंडिया गठबंधन की विशाल रैली को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने अवध जोन में एक रणनीतिक बैठक की। इस बैठक में रैली को सफल बनाने, कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध को तीव्र करने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई।
बैठक का आयोजन और उपस्थित प्रमुख नेता
बुधवार को लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय नेहरू भवन में अवध जोन के जिला और शहर के कांग्रेस अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में प्रमुख उपस्थित लोग थे:
- उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा
- कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद इमरान मसूद
- कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत
- एआईसीसी सचिव‑सहप्रभारी अब्दुल मन्नान
रैली का उद्देश्य और मुख्य मांगें
कांग्रेस ने इस रैली को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध का प्रमुख मंच बनाने की योजना बनाई है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों और वोट चोरी के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। इस कारण कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और पद से हटाने की मांग को आंदोलन का मुख्य बिंदु बनाया है।
कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की रणनीति
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि रैली की सफलता के लिए जिला, ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करना अनिवार्य है। कांग्रेस ने विशेष प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की, जो युवाओं, छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होंगे।
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मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं के नाम कट जाने की आशंका जताई। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन कहा और आंदोलन को सड़क से लेकर न्यायालय तक जारी रखने का इरादा व्यक्त किया।
मुख्य बातें
- 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली आयोजित होगी।
- उत्तरी प्रदेश कांग्रेस ने अवध जोन में रणनीतिक बैठक कर रैली की तैयारी तेज की।
- बैठक में राजेंद्र पाल गौतम, आराधना मिश्रा, इमरान मसूद, सुप्रिया श्रीनेत और अब्दुल मन्नान प्रमुख उपस्थित रहे।
- रैली का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध को सुदृढ़ करना है।
- कांग्रेस ने मतदाता सूची में संभावित कटौती को रोकने के लिए SIR प्रक्रिया को चुनौती दी।
- कार्यकर्ताओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों को एकजुट करने के लिए विशेष प्रभारियों की नियुक्ति की गई।
आगे की कार्रवाई
कांग्रेस ने रैली के बाद भी आंदोलन को जारी रखने का इरादा जताया है, जिसमें सड़क प्रदर्शन, जनसभा और न्यायालय में याचिकाएँ शामिल होंगी। पार्टी ने सभी स्तरों पर कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे रैली के दौरान शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचें।
रैली की तिथि नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस ने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बनाई है, ताकि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।




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