कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को दिल्ली पुलिस ने जामिया यूनिवर्सिटी के पास हिरासत में लिया
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जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनावों को लेकर कई दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने छात्रों के समर्थन में परिसर में प्रवेश किया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बड़ी टुकड़ी तैनात की थी, परन्तु वह गेट‑7 के पास पहुँचकर छात्रों से मिल सके।
इमरान मसूद का समर्थन और बयान
इमरान मसूद ने छात्रों से मिलते ही कहा, “मैं इन छात्रों के लिए अपनी जान भी दे सकता हूँ; ये मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।” उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज बताया और कहा कि कुछ भारत‑विरोधी तत्वों द्वारा आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग कहा और इस बात पर बल दिया कि जामिया के किसी भी छात्र ने इसके विपरीत नहीं कहा है।
पुलिस द्वारा हिरासत
जामिया के गेट‑7 के पास इमरान मसूद को पुलिस ने एक गाड़ी में बैठाकर ले गई। यह कार्रवाई तब हुई जब सांसद ने यूनिवर्सिटी के कुलपति मजहर आसिफ को पत्र लिखकर छात्र संघ को बहाल करने और विरोध में शामिल छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस लेने की मांग की थी।
विरोध के मुख्य मुद्दे
छात्र संघ को बहाल करने की मांग के साथ ही परिसर में “फ्री कश्मीर” और “ABVP मुर्दाबाद” जैसे नारों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से निष्पक्ष जांच और FIR दर्ज करने की मांग की है।
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मुख्य बातें
- इमरान मसूद ने छात्रों को समर्थन देने के लिए जामिया यूनिवर्सिटी परिसर में प्रवेश किया।
- पुलिस ने उन्हें गेट‑7 के पास हिरासत में ले लिया।
- सांसद ने कुलपति को पत्र लिखकर छात्र संघ की बहाली और अनुशासनात्मक कार्रवाई को रद्द करने की मांग की।
- ABVP ने निष्पक्ष जांच और FIR की मांग की है।




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