गोवा में SIR प्रक्रिया के दौरान लापता 97 वोटरों में से 88 के नाम मतदाता सूची में जोड़े
3 मिनट में पढ़ें

गोवा में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान लापता हुए 97 वोटरों में से 88 के नाम अब मतदाता सूची में जोड़ दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि इन वोटरों ने फॉर्म‑6 जमा किया, जिससे उनका पंजीकरण पूरा हो गया। शेष नौ मामलों में नागरिकता या विदेश में रहने की वजह से प्रक्रिया अभी जारी है।
सुलझाए गए 88 मामलों की प्रक्रिया
चुनाव आयोग के अनुसार, SIR के दौरान पहचाने गए 97 लापता वोटरों में से 88 ने फॉर्म‑6 भरकर अपने दस्तावेज़ जमा किए। फॉर्म‑6 का उपयोग योग्य वोटरों के रजिस्ट्रेशन या मौजूदा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए किया जाता है। आयोग ने बताया कि इन वोटरों के नाम या तो दोबारा सूची में जोड़ दिए गए हैं या उन्हें सूची में शामिल करने की मंजूरी दे दी गई है।
मुख्य बातें
- गोवा में SIR प्रक्रिया के दौरान 97 वोटरों को लापता माना गया था।
- इनमें से 88 ने फॉर्म‑6 जमा कर अपना पंजीकरण पूरा किया।
- बचे हुए 9 मामलों में 3 वोटरों ने पुर्तगाल की नागरिकता ले ली है, जबकि 6 विदेश में रह रहे हैं।
- अधिकारी इन 9 मामलों पर अभी भी संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
बचे हुए नौ मामलों की स्थिति
शेष नौ मामलों को दो वर्गों में बाँटा गया है:
- तीन वोटरों ने पुर्तगाल की नागरिकता ले ली है, जिससे भारतीय मतदाता सूची में उनका नाम रखना संभव नहीं है।
- छह वोटर वर्तमान में भारत के बाहर रह रहे हैं; उनकी स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज़ प्राप्त करने के लिए आयोग अभी भी प्रयासरत है।
इन मामलों में आगे की कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जैसा कि गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ट्विटर पर बताया।
आपके लिए संबंधित खबरें
SIR प्रक्रिया में उत्पन्न ‘लॉजिकल गड़बड़ियों’ की पृष्ठभूमि
एक अंग्रेजी समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने SIR के दौरान डेटाबेस में “लॉजिकल गड़बड़ियों” के कारण 97 वोटरों को चिह्नित किया। ये गड़बड़ियां पुरानी मतदाता सूची में वोटर को उनके माता‑पिता या दादा‑दादी से जोड़ते समय जानकारी मेल न खाने जैसी कारणों से उत्पन्न हुईं। प्रभावित वोटरों को दस्तावेज़ और आपत्तियां जमा करने का अवसर दिया गया, जिसके बाद 649 वोटरों की जांच की गई और 97 मामलों में पुनः निर्णय लिया गया।
आगे की कार्यवाही
चुनाव आयोग ने कहा कि शेष नौ मामलों में आवश्यक दस्तावेज़ और संपर्क स्थापित होने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान वोटरों को फॉर्म‑6 के माध्यम से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की सलाह दी गई है।
गोवा में SIR प्रक्रिया के दौरान लापता वोटरों के अधिकांश मामलों का समाधान हो गया है, जिससे मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता में सुधार की उम्मीद है।




टिप्पणियाँ
0