गायत्री परिवार ने सामूहिक प्रज्ञा योग में एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में कीर्तिमान स्थापित किया
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नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक आयोजित तीन‑दिवसीय शताब्दी समारोह में अखिल विश्व गायत्री परिवार ने “एक साथ सर्वाधिक लोगों द्वारा सामूहिक प्रज्ञा योग” का रिकॉर्ड स्थापित किया। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स दोनों ने इस उपलब्धि को मान्यता दी।
रिकॉर्ड का विवरण
समारोह के दूसरे दिन हजारों प्रशिक्षित साधकों ने गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ 16 आसनों वाले प्रज्ञा योग प्रोटोकॉल को एक साथ किया। इस प्रदर्शन में लगभग 20 000‑24 000 लोग भाग ले रहे थे, जिनमें 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। रिकॉर्ड का दावा गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, हरिद्वार स्थित श्री वेदमाता गायत्री ट्रस्ट ने किया, और उसी दिन दो रिकॉर्ड संस्थाओं ने प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया।
मुख्य बातें
- रिकॉर्ड: “एक साथ सर्वाधिक लोगों द्वारा सामूहिक प्रज्ञा योग”
- स्थल: इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली
- तारीख: 31 अक्टूबर‑2 नवंबर 2026 (तीन‑दिवसीय शताब्दी समारोह)
- प्रतिभागी: 20 000‑24 000 लोग, 50+ देशों के प्रतिनिधि
- प्रोटोकॉल: 16 आसनों वाला प्रज्ञा योग, गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ
- मान्यता: एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स
तीन शताब्दियों का त्रिवेणी उत्सव
समारोह एक साथ तीन शताब्दियों का उत्सव था। 1926 में जन्मी गायत्री परिवार की सह‑संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी, युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा प्रज्वलित अखंड दीप के 100 वर्ष और गुरुदेव की साधना के 100 वर्ष सभी को एक साथ मनाया गया। इन तीन घटनाओं को “त्रिवेणी” कहा गया।
उच्च‑स्तरीय अतिथियों की उपस्थिति
समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, पीयूष गोयल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ सहित कई प्रमुख राजनेता उपस्थित रहे। ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य और चर्च ऑफ इंग्लैंड के बिशप सहित विदेशी अतिथियों ने भी “वसुधैव कुटुंबकम्” के विचार को प्रासंगिक बताया।
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स्मारक डाक टिकट और सामाजिक संकल्प
समारोह में माता भगवती देवी शर्मा पर स्मारक डाक टिकट जारी किया गया, जो 1991 में पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य पर जारी डाक टिकट के बाद दूसरा स्मारक टिकट बना। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उपस्थित जनसमूह को तीन प्रमुख संकल्प दिए: मातृशक्ति का सम्मान, भारतीय संस्कृति का संरक्षण, और युवाओं में आध्यात्मिक चेतना का विकास।
समाज परिवर्तन के सात संकल्प
- युवाओं को हुनरमंद बनाकर स्वावलंबन
- मूल्य‑आधारित शिक्षा
- योग और आयुर्वेद से स्वस्थ जीवनशैली
- स्वच्छता
- वृक्षारोपण और जल संरक्षण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण
- महिलाओं को सामाजिक नेतृत्व में आगे लाना
- नशा, दहेज और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण
इन संकल्पों को “व्यक्ति निर्माण से परिवार, परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण” के मूल संदेश के साथ प्रस्तुत किया गया।
समारोह का संदेश
गायत्री परिवार ने इस रिकॉर्ड को केवल शारीरिक योग नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, आध्यात्मिक चेतना और सामूहिक अनुशासन का प्रतीक बताया। यह आयोजन दर्शाता है कि सामूहिक प्रज्ञा योग के माध्यम से सामाजिक एकता और राष्ट्रीय भावना को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है।




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