गया में रात के समय बिस्तर पर सांप ने डस दिया: पति की मौत, पत्नी गंभीर
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बिहार के गया जिले के परैया थाना क्षेत्र के प्रभुआ गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई। रात के करीब 1 बजे बिस्तर पर सो रहे पति‑पत्नी को तकिए के पास छिपे सांप ने डस लिया। शुरुआती चुभन को दोनों ने चींटी के काटने के रूप में समझा, लेकिन टॉर्च जलाकर बिस्तर पर सांप दिखते ही स्थिति बदल गई। अस्पताल में पति की मौत हो गई, जबकि पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना का विवरण
मुन्ना प्रजापति (41) और उनकी पत्नी रात के समय अपने बिस्तर पर सो रहे थे। मुन्ना ने पहले अपने हाथ में चुभन महसूस की, जिसे उन्होंने चींटी के काटने जैसा समझा और अनदेखा कर दिया। कुछ देर बाद उनकी पत्नी को भी समान चुभन महसूस हुई और उन्होंने भी इसे चींटी मान लिया। दोनों ने टॉर्च जलाकर बिस्तर की जाँच की, तभी तकिए के पास एक साँप दिखाई दिया। साँप को देखकर दोनों के होश उड़ गए।
साँप का मारना
परिवार के सदस्य और आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मदद के लिए बुलाया। घबराहट में ग्रामीणों ने साँप को पीट‑पीटकर मार दिया। इसके बाद पति‑पत्नी को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।
हस्पताल में स्थिति
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मुन्ना प्रजापति की जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी को गंभीर स्थिति में भर्ती किया गया और उपचार जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि साँप के विष के कारण श्वसन और हृदय संबंधी जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए तुरंत उपचार आवश्यक था।
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परिवार पर प्रभाव
मुन्ना प्रजापति राजमिस्त्री का काम करके अपने परिवार का भरण‑पोषण करते थे। उनके चार बच्चे—तीन बेटियाँ और एक बेटा—उनकी आय पर निर्भर थे। पिता की अचानक मृत्यु और माँ की गंभीर हालत ने परिवार को आर्थिक और भावनात्मक संकट में डाल दिया है। गांव के लोग इस घटना से गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं और परिवार को समर्थन दे रहे हैं।
मुख्य बातें
- घटना बिहार के गया जिले के प्रभुआ गांव में रात के 1 बजे हुई।
- पत्नी‑पति दोनों ने पहले चुभन को चींटी के काटने समझा।
- टॉर्च से बिस्तर पर साँप दिखते ही ग्रामीणों ने उसे मार दिया।
- मुन्ना प्रजापति (41) की मृत्यु हो गई, पत्नी गंभीर स्थिति में है।
- परिवार में चार बच्चे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति अब असुरक्षित है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय
गांव के कई बुजुर्गों ने बताया कि इस क्षेत्र में कभी‑कभी साँप देखे जाते हैं, लेकिन बिस्तर के पास तकिए के नीचे तक छिपे रहने की संभावना कम देखी गई है। स्थानीय प्रशासन को इस घटना के बाद ग्रामीणों को साँप नियंत्रण और घर के भीतर सफाई के बारे में जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बिस्तर के आसपास की सफाई और सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बिस्तर या घर में साँप दिखे तो तुरंत पेशेवर मदद लेनी चाहिए, न कि स्वयं मारने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि इससे विष के संपर्क में आने का जोखिम बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
गया में इस दुखद घटना ने एक साधारण ग्रामीण परिवार को बिखर कर रख दिया है। मुन्ना प्रजापति की मृत्यु और पत्नी की गंभीर हालत दोनों ही परिवार के भविष्य को अनिश्चित बना रही है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम तेज़ी से चलाने की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीणों को साँप के संपर्क में आने से बचाया जा सके।




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