चुनाव आयोग ने फॉर्म‑7 पर नई सीमा तय की, एक मतदाता अब अधिकतम 10 आपत्तियां दे सकेगा
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चुनाव आयोग ने फॉर्म‑7 के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से नई सीमा निर्धारित की, जिससे एक मतदाता अब एक आपत्ति अवधि में अधिकतम 10 फॉर्म‑7 और निरंतर अपडेट के दौरान प्रति माह 5 फॉर्म‑7 दाखिल कर सकेगा। यह नियम 9 अक्टूबर को जारी निर्देशों में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लागू करने के लिए कहा गया है।
नई सीमा का विवरण
नए निर्देशों के अनुसार:
- दावा‑आपत्ति की पूरी अवधि में एक मतदाता अधिकतम 10 फॉर्म‑7 दाखिल कर सकेगा।
- मतदाता सूची के निरंतर अपडेट के दौरान एक महीने में अधिकतम 5 फॉर्म‑7 ही स्वीकार किए जाएंगे।
- ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों पर यह सीमा समान रूप से लागू होगी।
पहले की व्यवस्था
पहले ऑनलाइन माध्यम से एक बार में अधिकतम छह फॉर्म‑7 दाखिल करने की अनुमति थी, जबकि भौतिक फॉर्म के लिए कोई स्पष्ट सीमा नहीं थी। इससे कई बार निराधार आपत्तियों की भरमार और स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया था।
फॉर्म‑7 के आवेदन की प्रक्रिया
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम 13(2) के तहत, केवल वही व्यक्ति फॉर्म‑7 भर सकता है जिसका नाम संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज हो। आवेदन में सभी आवश्यक विवरण भरना अनिवार्य है और मूल हस्ताक्षर आवश्यक है; मुहर को मूल हस्ताक्षर का विकल्प नहीं माना जाएगा।
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जांच और सुनवाई
निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को यह सुनिश्चित करना होगा कि फॉर्म‑7 में सभी जरूरी जानकारी सही ढंग से भरी गई हो। यदि कोई फॉर्म‑7 निर्धारित अवधि, प्रारूप या प्रक्रिया के अनुसार नहीं दाखिल किया गया, तो उसे अस्वीकार किया जा सकता है। नियम 17 या 18 के तहत निपटारा न होने वाले मामलों में आपत्तिकर्ता को नोटिस देकर व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। प्रत्येक फॉर्म‑7 के संबंध में अलग‑अलग बयान दर्ज किए जाएंगे और संबंधित व्यक्ति को आदेश पारित करने से पहले सुनवाई का अधिकार मिलेगा।
झूठी शिकायत पर कार्रवाई
यदि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को कोई झूठी या मनगढ़ंत शिकायत मिलती है, तो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत आवेदनकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे इन नियमों को अपने क्षेत्रीय कर्मचारियों तक पहुंचाएं और व्यापक प्रचार‑प्रसार सुनिश्चित करें।
मुख्य बातें
- एक मतदाता अब एक आपत्ति अवधि में अधिकतम 10 फॉर्म‑7 दाखिल कर सकेगा।
- निरंतर अपडेट के दौरान प्रति माह अधिकतम 5 फॉर्म‑7 की सीमा तय।
- ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों पर समान सीमा लागू।
- फॉर्म‑7 में मूल हस्ताक्षर अनिवार्य, मुहर स्वीकार नहीं।
- झूठी शिकायत पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत कार्रवाई।




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