फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी पायलट के हमले के बाद कैप्टन स्मित मछार का वायरल इंटरव्यू
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फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में ओमानी पायलट द्वारा भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला करने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी। इस घटना के बाद, मछार का एक साल पहले का इंटरव्यू सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने हवाई यात्रा के दौरान मेडिकल इमरजेंसी के प्रबंधन के बारे में बताया।
घटना का संक्षिप्त विवरण
दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में, कैप्टन स्मित मछार (भारतीय नागरिक) और ओमानी पायलट के बीच बहस के दौरान ओमानी पायलट ने चाकू से हमला किया। रिपोर्टों के अनुसार, को‑पायलट ने कैप्टन को चाकू मारा और विमान को क्रैश करने की कोशिश की। विमान को तुरंत तबुक (तबुका) एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया, जहाँ इज़राइली अधिकारियों ने स्थिति को काबू में कर लिया।
स्मित मछार का वायरल इंटरव्यू
इंटरव्यू में मछार ने बताया कि जब विमान हवा में होता है और किसी यात्री को मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़ता है, तो मदद किस तरह प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा, “जब हम हवा में होते हैं और कुछ हो जाता है, तो आपको कौन बचाएगा?” और बताया कि यदि यात्रियों में डॉक्टर हों तो वह एक अतिरिक्त मदद है, लेकिन मुख्य रूप से फ्लाइट क्रू की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
हवाई मेडिकल इमरजेंसी में क्रू की भूमिका
मछार ने बताया कि:
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- क्रू को बेसिक फर्स्ट एड और एअरबर्डन (airborne) मेडिकल प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया जाता है।
- विमान में उपलब्ध मेडिकल किट, ऑक्सीजन सप्लाई और एंटी‑सेप्टिक सामग्री का उपयोग किया जाता है।
- यदि आवश्यक हो तो विमान को निकटतम हवाई अड्डे पर लैंड करवा दिया जाता है।
मुख्य बातें
- फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में ओमानी पायलट ने चाकू से हमला किया, जिससे विमान को आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी।
- कैप्टन स्मित मछार, जो मूल रूप से गुजराती हैं, ने 2022 में डायरेक्ट‑एंट्री कैप्टन के तौर पर फ्लाईदुबई ज्वाइन किया।
- इंटरव्यू में उन्होंने हवाई मेडिकल इमरजेंसी के दौरान क्रू की मदद की महत्ता पर प्रकाश डाला।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मछार की बहादुरी की सराहना की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पायलट के करियर की झलक
स्मित मछार ने जून 2011 से 2022 तक स्पाइसजेट में लगभग 11 साल काम किया। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई में डायरेक्ट‑एंट्री कैप्टन के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानें भरीं और नई पीढ़ी के पायलटों को मेंटर करने का कार्य भी किया।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मछार की प्रशंसा में कहा, “कैप्टन स्मित मछार हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। भारत को कैप्टन मछार पर गर्व है।”
निष्कर्ष
फ्लाईदुबई की इस घटना ने हवाई सुरक्षा और पायलटों के बीच सहयोग की महत्ता को दोबारा उजागर किया। स्मित मछार का इंटरव्यू इस बात की याद दिलाता है कि आपातकालीन स्थितियों में प्रशिक्षित क्रू ही यात्रियों की जान बचाने में सबसे बड़ा सहारा होते हैं।




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