दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 2,947 बस मार्शल, 2.53 लाख CCTV कैमरे और कई नई पहल
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कई बहुस्तरीय उपायों की घोषणा की। इन उपायों में 2,947 बस मार्शल, 56 महिला विशेष बसें, 24 घंटे लाइव CCTV और GPS निगरानी, साथ ही 11 वन‑स्टॉप सेंटर, 15 महिला आश्रय गृह और 14 कामकाजी महिला हॉस्टल शामिल हैं।
सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) में 2,947 बस मार्शल तैनात हैं। इन मार्शलों के साथ 56 महिला विशेष बसें चल रही हैं, जिनमें से 15 बसें शाम की पाली में सशस्त्र महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ संचालित होती हैं। सभी बसों को बस प्रबंधन प्रणाली से जोड़ा गया है और नियंत्रण केंद्र के माध्यम से पैनिक अलार्म, लाइव CCTV और GPS की चौबीसों घंटे निगरानी की जाती है।
सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी
लोक निर्माण विभाग ने दिल्ली की सड़कों पर 96,000 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की हैं, जिनमें 45,000 एचपीएसवी और 51,000 एलईडी लाइटें शामिल हैं। इसके अलावा, 2,53,983 CCTV कैमरे कार्यरत हैं, जो सार्वजनिक स्थानों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करते हैं। शिकायतों के लिए 1908 टोल‑फ्री नंबर और PWD सेवा पोर्टल उपलब्ध है।
महिला सहायता के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था
दिल्ली में महिलाओं की सहायता के लिए 11 वन‑स्टॉप सेंटर और 15 महिला आश्रय गृह संचालित हैं। महिला हेल्पलाइन 181 को आपातकालीन हेल्पलाइन 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और अन्य सहायता संस्थानों से जोड़ा गया है। घरेलू हिंसा और दहेज से जुड़े मामलों में मदद के लिए 20 संरक्षण अधिकारी कार्यरत हैं।
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कामकाजी महिलाओं के लिए आवास
दिल्ली में 14 कामकाजी महिला हॉस्टल हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,427 है। सरकार जल्द ही विश्वास नगर और रोहिणी में अतिरिक्त आवास सुविधाएँ शुरू करने की योजना बना रही है।
बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा प्रशिक्षण
दिल्ली में 30 सरकारी और 56 गैर‑सरकारी बाल देखभाल संस्थान संचालित हैं। 1,397 स्कूलों में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बच्चों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्कूलों में लगभग 1.5 लाख CCTV कैमरे स्थापित हैं। बाल विवाह की रोकथाम के लिए उपमंडल मजिस्ट्रेटों को बाल विवाह निषेध अधिकारी नामित किया गया है।
मुख्य उद्देश्य और भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि संकट के समय किसी महिला या बच्चे को मदद के लिए भटकना न पड़े। इसके लिए विभागों के बीच समन्वय, नियमित निगरानी और समयबद्ध शिकायत निवारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित समाज का संकल्प भी इस योजना का अभिन्न हिस्सा है।
मुख्य बातें
- 2,947 बस मार्शल और 56 महिला विशेष बसें DTC में तैनात
- सभी बसों की 24 घंटे लाइव CCTV और GPS निगरानी
- 2,53,983 CCTV कैमरे शहर भर में कार्यरत
- 96,000 स्ट्रीट लाइटें (45,000 एचपीएसवी + 51,000 एलईडी)
- 11 वन‑स्टॉप सेंटर, 15 महिला आश्रय गृह, 20 संरक्षण अधिकारी
- 14 कामकाजी महिला हॉस्टल (कुल क्षमता 2,427) और अतिरिक्त आवास योजना
- 1,397 स्कूलों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण, 1.5 लाख स्कूल CCTV
- हेल्पलाइन 181 को 112, 1098 आदि से जोड़ा गया




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