दिल्ली में प्रदर्शन स्थल बदलें: जंतर-मंतर हटाकर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को नई जगहें तय
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मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल की सूची में बड़ा बदलाव किया। गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को हटाकर अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को नई जगहें तय की गई हैं।
परिवर्तन का पृष्ठभूमि
गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए एक समिति गठित की। इस समिति को मौजूदा निर्धारित स्थल, विशेषकर जंतर-मंतर, के विकल्प खोजने का कार्य सौंपा गया। समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने स्टैंडिंग ऑर्डर जारी किया, जिसमें जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटाने का उल्लेख है।
नए निर्धारित स्थल
आदेश में तीन वैकल्पिक स्थानों को स्पष्ट किया गया है:
- रामलीला मैदान – दिल्ली के प्रमुख सार्वजनिक मैदानों में से एक, जहाँ धरना, विरोध-प्रदर्शन या अन्य सार्वजनिक आयोजन की अनुमति अलग SOP के तहत दी जाएगी।
- बुराड़ी ग्राउंड – यहाँ प्रदर्शन के लिए लागू शर्तें, अनुमति प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाएँ आगे के दिशा-निर्देशों में स्पष्ट की जाएँगी।
- CBD ग्राउंड, पूर्वी दिल्ली – पूर्वी दिल्ली में स्थित यह स्थान तीसरा वैकल्पिक स्थल है, जिससे राजधानी में प्रदर्शन के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होगा।
समिति की भूमिका और सुप्रीम कोर्ट का आदेश
गृह मंत्रालय की समिति ने वैकल्पिक स्थल खोजने के लिए विस्तृत जांच की और अपने निष्कर्षों को सरकार को प्रस्तुत किया। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रदर्शन के लिए उपयुक्त जगहों की पहचान करने का निर्देश दिया था, जिससे यह बदलाव न्यायिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप है।
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मुख्य बातें
- जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल सूची से हटाया गया।
- नए स्थल: रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड, CBD ग्राउंड (पूर्वी दिल्ली)।
- परिवर्तन गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों पर आधारित।
- पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने स्टैंडिंग ऑर्डर जारी किया।
- सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रदर्शन स्थल निर्धारित करने का आदेश दिया था।
आगे क्या उम्मीद की जा सकती है
इन नए स्थलों के लिए अनुमति प्रक्रिया, सुरक्षा प्रोटोकॉल और सार्वजनिक सुविधाओं की व्यवस्था अलग दिशा-निर्देशों में जारी की जाएगी। प्रदर्शन करने वाले समूहों को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।




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