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दिल्ली‑NCR की औद्योगिक इकाइयों पर PTZ कैमरों से रियल‑टाइम निगरानी

2 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 07 Oct 2026• अपडेट 07 Oct 2026• 7 views
दिल्ली‑NCR की औद्योगिक इकाइयों पर PTZ कैमरों से रियल‑टाइम निगरानी
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली‑NCR में औद्योगिक इकाइयों में PTZ कैमरों की कवरेज बढ़ा कर ईंधन उपयोग की रियल‑टाइम निगरानी अनिवार्य की, जिससे 31 अक्टूबर 2026 तक अतिरिक्त कैमरे लगाना…

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली‑NCR में औद्योगिक इकाइयों में ईंधन के अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए Pan‑Tilt‑Zoom (PTZ) कैमरों की कवरेज बढ़ाने का आदेश जारी किया है। अब सभी उद्योगों को ईंधन स्टोरेज, चार्जिंग पॉइंट और गैस मीटर सहित प्रमुख क्षेत्रों की रियल‑टाइम वीडियो फीड CPCB और संबंधित DPCC के सर्वर पर उपलब्ध करानी होगी।

कैमरों की कवरेज में विस्तार

CAQM के अनुसार, पहले भी कुछ औद्योगिक इकाइयों में अनुमोदित नहीं किए गए ईंधन के उपयोग के मामले सामने आए थे। इस कारण, आयोग ने 31 अक्टूबर 2026 तक अतिरिक्त PTZ कैमरों की स्थापना अनिवार्य कर दी है। सभी ईंधन स्टोरेज एरिया, ईंधन चार्जिंग पॉइंट और गैस‑आधारित इकाइयों में गैस मीटर को भी कैमरे के दृश्य में रखना आवश्यक है।

रियल‑टाइम वीडियो फीड का प्रावधान

स्थापित कैमरों की वीडियो फीड को रियल‑टाइम में CPCB (सेंट्रल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) और संबंधित DPCC (डिस्ट्रीक्ट प्रदूषण नियंत्रण परिषद) के सर्वर पर स्ट्रीम किया जाएगा। इसके साथ ही उद्योगों को कैमरों और कनेक्टिविटी के लिए पर्याप्त पावर बैकअप भी सुनिश्चित करना होगा।

तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर

CAQM ने निर्देश दिया है कि CPCB और संबंधित SPCB/DPCC को रियल‑टाइम वीडियो फीड प्राप्त करने के लिए एक पोर्टल और आवश्यक तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा। इस व्यवस्था की स्थिति की रिपोर्ट 1 नवंबर 2026 तक CAQM को प्रस्तुत करनी होगी।

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पिछला निर्देश और मौजूदा अनुपालन

इस कदम से पहले CPCB ने औद्योगिक इकाइयों में PTZ कैमरों के साथ Online Continuous Emission Monitoring Systems (OCEMS) लगाने का निर्देश दिया था। निर्धारित कैमरा कवरेज में OCEMS पोर्ट‑होल, चिमनी से निकलने वाले फ्लू गैस, मेटल इकाइयों के फ्यूम एक्सट्रैक्शन और फर्नेस फीडिंग एरिया शामिल थे।

फ्लाइंग स्क्वॉड की रिपोर्ट

CAQM की फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने गुप्त निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर अनुमोदित ईंधन के बजाय अन्य ईंधन के उपयोग की शिकायतें दर्ज कीं। इस कारण रियल‑टाइम निगरानी को अनिवार्य माना गया।

मुख्य बातें

  • CAQM ने दिल्ली‑NCR की औद्योगिक इकाइयों में PTZ कैमरों की कवरेज बढ़ाने का आदेश दिया।
  • उद्योगों को 31 अक्टूबर 2026 तक अतिरिक्त PTZ कैमरे लगाना अनिवार्य है।
  • सभी ईंधन स्टोरेज, चार्जिंग पॉइंट और गैस मीटर को कैमरे के दृश्य में रखना होगा।
  • वीडियो फीड रियल‑टाइम में CPCB और संबंधित DPCC के सर्वर पर उपलब्ध करानी होगी।
  • पावर बैकअप सुनिश्चित करना और 1 नवंबर 2026 तक लागू होने की रिपोर्ट CAQM को देनी होगी।

इन उपायों से दिल्ली‑NCR में औद्योगिक प्रदूषण की निगरानी सख्त होगी और अनधिकृत ईंधन उपयोग को रोका जा सकेगा।

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