दिल्ली जल बोर्ड ने 17,970 करोड़ की सीवर सुधार योजना को दी मंजूरी, ‘वन जोन-वन ऑपरेटर’ मॉडल लागू
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दिल्ली जल बोर्ड ने राजधानी की सीवर और जलापूर्ति व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में 10‑वर्षीय, 17,969.93 करोड़ रुपये की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इस योजना के तहत शहर को आठ जोनों में बाँटकर ‘वन जोन-वन ऑपरेटर’ मॉडल लागू किया जाएगा, जिससे प्रत्येक जोन में एक ही एजेंसी को पूरी सीवर नेटवर्क की देखरेख, रखरखाव और शिकायत निपटान की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
वन जोन-वन ऑपरेटर मॉडल की मुख्य बातें
नए मॉडल के तहत सीवर लाइनों, मैनहोल, पंपिंग स्टेशनों का रखरखाव, जियो‑टैग्ड निरीक्षण और केंद्रीय कमांड सेंटर द्वारा रियल‑टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। 100 % मैकेनिकल और रोबोटिक सफाई की व्यवस्था, तथा ऑपरेटर के प्रदर्शन से जुड़ा भुगतान तंत्र भी लागू किया जाएगा, जिससे ओवरफ्लो और शिकायत समाधान में गति आएगी। वर्तमान में दिल्ली जल बोर्ड 68 विधानसभा क्षेत्रों में 11,212 किमी सीवर लाइन, 6.68 लाख मैनहोल और 145 पंपिंग स्टेशनों का रखरखाव करता है।
दक्षिण दिल्ली जलापूर्ति के लिए 6,044 करोड़ की परियोजना
बोर्ड ने दक्षिण दिल्ली की जलापूर्ति व्यवस्था के कायाकल्प के लिए 6,044.05 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी। यह योजना 247 वर्ग किलोमीटर, 13 UGR कमांड एरिया, 12 विधानसभा क्षेत्रों और 2,44,381 घरेलू उपभोक्ताओं को कवर करेगी। स्मार्ट मीटर, बल्क फ्लो मीटर, क्लोरीन एवं प्रेशर सेंसर के माध्यम से रियल‑टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी, तथा नॉन‑रेवेन्यू वाटर को 15 % से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है।
नए STP और जल ट्रीटमेंट क्षमता
यमुना सफाई एवं सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने के लिए 13 नए STP के टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 328 MGD और अनुमानित लागत 7,373 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएँ NMCG फंडिंग के तहत विकसित होंगी। नरेला के नयाबांस में 5.5 MGD क्षमता वाला विकेंद्रीकृत STP 123.23 करोड़ रुपये में शुरू किया गया है।
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वजीराबाद जलापूर्ति परियोजना
लंबित वजीराबाद जलापूर्ति परियोजना के लिए 1,214.58 करोड़ रुपये का पैकेज प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त हुआ। इसमें 80 MGD नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ऑटोमेटेड रॉ‑वॉटर इंटेक और 15‑साल का O&M शामिल है। मौजूदा 40 MGD प्लांट का पुनर्वास, अतिरिक्त 60 MGD प्लांट, ट्रांसमिशन अपग्रेड, SCADA और वितरण सुधार के लिए 3,505 करोड़ रुपये का ADB टॉप‑अप लोन भी मंजूर किया गया।
नए टैरिफ नियम एवं जल इमरजेंसी सेंटर
दिल्ली जल एवं सीवर (टैरिफ एवं मीटरिंग) विनियम, 2026 को 2012 के नियमों की जगह दी जाएगी। नई व्यवस्था में कनेक्शन प्रक्रिया को सरल, शुल्क को तर्कसंगत, बिलिंग को स्पष्ट और डिजिटल सेवाओं को विस्तारित करने का प्रस्ताव है। साथ ही 25 वाटर इमरजेंसी सेंटरों के पुनर्निर्माण के लिए 65.49 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
भवन ऊँचाई बाध्यता में बदलाव
तकनीकी रूप से संभव और निर्धारित शर्तें पूरी होने पर अब ऊँचाई की परवाह किए बिना व्यक्तिगत जल कनेक्शन दिया जा सकेगा। उपभोक्ताओं को 17.5 मीटर से नीचे या निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त जल भंडारण की व्यवस्था करनी होगी। वर्षा जल संचयन नीति, 2026 को लागू करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं, जिसमें भूजल रिचार्ज को बाढ़ प्रबंधन से जोड़ने और सरकारी भवनों में अनुपालन पर जोर दिया गया है।
मुख्य बातें
- सीवर सुधार योजना: 17,969.93 करोड़ रुपये, 10‑वर्षीय
- ‘वन जोन-वन ऑपरेटर’ मॉडल: 8 जोन, एक ही एजेंसी को पूरी जिम्मेदारी
- दक्षिण दिल्ली जलापूर्ति: 6,044.05 करोड़ रुपये, 247 sq km, 2,44,381 घर
- नए STP: 13 टेंडर, कुल 328 MGD, लागत 7,373 करोड़ रुपये
- वजीराबाद जलापूर्ति: 1,214.58 करोड़ रुपये, 80 MGD नया प्लांट
- नए टैरिफ नियम 2026, 25 जल इमरजेंसी सेंटर, 65.49 करोड़ रुपये
- भवन ऊँचाई बाध्यता हटाई, 17.5 m से नीचे जल भंडारण अनिवार्य
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यह नई व्यवस्था सीवर और जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं में जिम्मेदारी तय करने, समय पर रखरखाव सुनिश्चित करने और तकनीक के माध्यम से पूरी प्रणाली की निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए है।




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