दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू यादव की IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग याचिका पर ED को नोटिस जारी किया
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दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की IRCTC घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उत्तरदाता को लिखित जवाब देने का आदेश दिया और अगली सुनवाई 3 दिसंबर को निर्धारित की। इस कदम से लालू यादव को ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही को स्थगित करने की संभावनाएँ मिल गईं।
केस की पृष्ठभूमि
IRCTC (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन) घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और छह अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। 10 सितंबर को ट्रायल कोर्ट ने इन आरोपों को स्थापित करने का आदेश दिया था, जिसमें कहा गया था कि 2005‑2014 के दौरान रेलवे अधिकारियों ने रांची और पुरी में रेलवे होटलों का लीज सुजाता होटल्स को देने के लिए टेंडर में हेरफेर किया।
ED का मुख्य आरोप
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की FIR के आधार पर ED ने आरोप लगाया कि लालू यादव ने सुजाता होटल्स की मालिक सरला गुप्ता (राजद के राज्यसभा सांसद प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी) के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। इस साजिश का उद्देश्य 2004‑2014 के बीच ‘गलत पैसे’ का लाभ उठाना था।
लालू यादव की याचिका
लालू यादव ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को ‘गलत और कानूनी तौर पर टिकाऊ नहीं’ कहा। उन्होंने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के चार्ज केवल इसलिए तय किए क्योंकि उन पर पहले ही अन्य जुर्माने के आरोप तय हो चुके थे। याचिका में यह भी बताया गया कि ED ने कभी उन्हें पूछताछ के लिए समन नहीं किया, जिससे यह सिद्ध होता है कि वह किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं थे।
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हाईकोर्ट का निर्णय
जस्टिस सचिन दत्ता की अदालत ने याचिका पर सुनवाई के दौरान लालू यादव को अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही को स्थगित करने की अनुमति दी। साथ ही, अदालत ने ED को लिखित जवाब देने का निर्देश दिया, जिससे मामले की आगे की दिशा तय होगी।
मुख्य बातें
- दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू यादव की याचिका पर ED को नोटिस जारी किया।
- ED को लिखित जवाब देने और 3 दिसंबर को सुनवाई के लिए कहा गया।
- ट्रायल कोर्ट ने 10 सितंबर को लालू, राबड़ी, तेजस्वी और छह अन्य पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए थे।
- ED का आरोप है कि लालू यादव ने सुजाता होटल्स की मालिक सरला गुप्ता के साथ मिलकर टेंडर में हेरफेर किया।
- हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में कार्यवाही को स्थगित करने की अनुमति दी, जिससे लालू यादव को अगले सुनवाई तक राहत मिली।
आगे की प्रक्रिया
ED को हाईकोर्ट के नोटिस का जवाब देना होगा, जिसमें वह अपने आरोपों के समर्थन में सबूत प्रस्तुत करेगा। यदि उत्तर संतोषजनक नहीं माना गया तो कोर्ट आगे की सुनवाई में मनी लॉन्ड्रिंग के चार्ज को कायम रख सकती है। दूसरी ओर, यदि ED के जवाब में कमजोरियां पाई गईं तो ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द किया जा सकता है।
इस बीच, लालू यादव ने कहा है कि वह सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करेंगे और अपने पक्ष को स्पष्ट करने के लिए तैयार हैं। केस की अंतिम सुनवाई 3 दिसंबर को होगी, जिसके परिणाम से राजनीतिक और कानूनी दोनों पहलुओं पर असर पड़ेगा।




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