दीपिका राठौर ने उर्मिला सनावर पर पाँच करोड़ की जबरन वसूली और मानसिक उत्पीड़न का आरोप
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हरिद्वार में रविवार को उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने मीडिया के सामने अपने परिवार पर चल रहे मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक दबाव के बारे में खुलासा किया। दीपिका ने बताया कि उनके परिवार को लगातार ब्लैकमेल, जबरन वसूली और धमकियों का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें आत्महत्या तक के विचार आए।
मुख्य आरोप
- उर्मिला सनावर ने परिवार को पाँच करोड़ रुपये की मांग की।
- परिवार की सामाजिक छवि को खराब करने के लिए फोटो‑वीडियो को एडिट करके वायरल करने की कोशिश की गई।
- रविदास धाम को अपने नाम कराने के लिए दबाव बनाया गया।
- मांग पूरी न करने पर जान‑मारने की धमकी दी गई।
आरोपों की पृष्ठभूमि
दीपिका राठौर ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले उनके फोटो और वीडियो को बिना अनुमति के एडिट करके सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँचा। इस घटना ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला और वह गहरे तनाव में आ गईं।
उस समय से ही उर्मिला सनावर और उनके सहयोगियों द्वारा लगातार फोन कॉल, संदेश और व्यक्तिगत मुलाक़ातों के माध्यम से आर्थिक दबाव डाला गया। 24 अक्टूबर को फोन पर पाँच करोड़ रुपये की मांग की गई, जिसे पूरा न करने पर जान‑मारने की धमकी दी गई। दीपिका ने कहा कि इस प्रकार के लगातार उत्पीड़न ने उन्हें आत्महत्या के विचार तक ले आया, हालांकि उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया।
पुलिस की कार्रवाई और भविष्य की आशा
उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद दीपिका ने पुलिस पर अपना भरोसा जताया और कहा कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने पुलिस की तेज़ कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इस मामले में आगे उचित कदम उठाए जाएंगे, जिससे उनके परिवार को राहत मिलेगी।
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समाजिक और कानूनी पहलू
ऐसे मामलों में ब्लैकमेल, जबरन वसूली और धमकी देना भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक अपराध माना जाता है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी को जेल की सजा और जुर्माना दोनों हो सकता है। साथ ही, मानसिक उत्पीड़न के कारण हुए नुकसान के लिए पीड़ित को सिविल मुकदमा दायर करने का अधिकार भी है।
मुख्य बातें
- दीपिका राठौर ने उर्मिला सनावर पर पाँच करोड़ रुपये की जबरन वसूली का आरोप लगाया।
- परिवार को ब्लैकमेल, सामाजिक छवि को नुकसान पहुँचाने और जान‑मारने की धमकी दी गई।
- आरोपों के कारण दीपिका को आत्महत्या के विचार आए, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया।
- उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई पर दीपिका ने भरोसा जताया।
- यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी को आपराधिक सजा और जुर्माना हो सकता है।
यह मामला सामाजिक उत्पीड़न, आर्थिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य के बीच के जटिल संबंधों को उजागर करता है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता दोनों आवश्यक हैं।




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