CSK ने बैटिंग कोच नहीं रखा: रमेश ने किया कड़ा सवाल, धोनी की मेंटॉर संभावना पर चर्चा
3 मिनट में पढ़ें

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने IPL 2027 के लिए अपने कोचिंग सेट‑अप में एक चौंकाने वाला बदलाव किया – टीम ने इस सीजन में कोई स्पेशलिस्ट बैटिंग कोच नहीं रखने का फैसला किया। इस कदम पर पूर्व भारतीय ओपनर सदागोपन रमेश ने सोशल मीडिया पर कड़ी नाराजगी जताई और इसे ‘रणनीतिक रूप से गलत’ कहा।
CSK का कोचिंग स्टाफ में बदलाव
पिछले तीन निराशाजनक सीजन के बाद, जहाँ CSK प्ले‑ऑफ़ में भी नहीं पहुँच पाई, फ्रेंचाइजी ने कोचिंग स्टाफ में व्यापक बदलाव किया। 2018 से बैटिंग कोच रहे माइकल हसी को हटाया गया, और हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग को भी नहीं रखा गया। जहीर खान को हेड कोच नियुक्त किया गया, जबकि मोहित शर्मा को बॉलिंग कोच, एल्बी मोर्कल को असिस्टेंट कोच और गैरेथ बैटी को दूसरे असिस्टेंट कोच के रूप में जोड़ा गया। केवल श्रीधरन श्रीराम और जेम्स फॉस्टर को ही बरकरार रखा गया।
रमेश का इंटर्नेट बयान
रमेश ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “ये सिर्फ एक सरप्राइज नहीं, बल्कि एक झटका है कि CSK अगले साल बिना बैटिंग कोच के उतर रही है। सरप्राइज होने से ज्यादा, मुझे लगता है कि ये रणनीतिक रूप से गलत है।” उन्होंने पिछले दो IPL सीजन में CSK की बल्लेबाजी पर आँकड़े भी पेश किए।
बल्लेबाजी की समस्या
रमेश के अनुसार, CSK ने पिछले दो सीजन में सबसे कम रन बनाए, जबकि टॉप दो टीमों में उनका औसत टीम टोटल सिर्फ 178 रहा। यह आँकड़ा दर्शाता है कि टीम की मुख्य कमजोरी बल्लेबाजी रही है, जबकि कोचिंग सेट‑अप बॉलिंग पर अधिक फोकस कर रहा है।
आपके लिए संबंधित खबरें
मुख्य बातें
- CSK ने IPL 2027 में बैटिंग कोच नहीं रखने का फैसला किया।
- हेड कोच जहीर खान, बॉलिंग कोच मोहित शर्मा, असिस्टेंट कोच एल्बी मोर्कल और गैरेथ बैटी को शामिल किया गया।
- पिछले दो सीजन में CSK की औसत टीम टोटल 178 रही, जो टॉप दो टीमों में सबसे कम है।
- रमेश ने कहा कि यह निर्णय रणनीतिक रूप से गलत है और टीम की मुख्य समस्या बल्लेबाजी है।
- रमेश ने पूछा कि क्या एमएस धोनी व्यक्तिगत रूप से युवा बल्लेबाजों के मेंटॉर बन सकते हैं।
धोनी को मेंटॉर की संभावना
रमेश ने यह भी सवाल उठाया कि क्या कप्तान‑कोच एमएस धोनी, जिनका खेलने का भविष्य अभी अनिश्चित है, टीम के युवा बल्लेबाजों के मेंटॉर बन सकते हैं। उन्होंने कहा, “CSK को पिछले दो साल में माइकल हसी के बैटिंग कोच रहते हुए भी संघर्ष करना पड़ा, और अब उन्होंने इस पद पर किसी को न रखने का फैसला किया है, जबकि टीम में कई युवा बल्लेबाज हैं।”
धोनी की संभावित मेंटॉर भूमिका पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यदि वह इस दिशा में कदम बढ़ाते हैं तो यह CSK के लिए एक सकारात्मक बदलाव हो सकता है।
आगे का रास्ता
CSK के इस निर्णय के बाद टीम के प्रदर्शन पर नज़र रखी जाएगी। यदि बॉलिंग‑केंद्रित कोचिंग सेट‑अप टीम को जीत की ओर ले जाता है, तो यह निर्णय सही साबित हो सकता है। अन्यथा, बैटिंग कोच की कमी को फिर से सवालों के घेरे में लाया जा सकता है, और टीम को भविष्य में कोचिंग संरचना में पुनः बदलाव करने पड़ सकते हैं।
फैन और विशेषज्ञ दोनों ही इस बात पर उत्सुक हैं कि क्या धोनी व्यक्तिगत मेंटॉरशिप के माध्यम से टीम की बैटिंग को सुदृढ़ करेंगे, और CSK इस नई रणनीति के साथ IPL 2027 में किस तरह का प्रदर्शन करेगी।




टिप्पणियाँ
0