कांग्रेस ने यूपी चुनाव के लिए एसपी से 125‑140 सीटों की मांग की, सूची तैयार कर रही है
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कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, समाजवादी पार्टी (एसपी) से 125‑140 सीटों की मांग करने का निर्णय लिया है। यह रणनीति कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के आवास पर हुई एक अहम बैठक के बाद सामने आई, जिसमें पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बैठक के मुख्य बिंदु
कांग्रेस के प्रमुख राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अनुराधा मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के साथ इस बैठक में पाँच प्रमुख फैसले लिए गए। इन फैसलों के अनुसार, कांग्रेस अगले दो दिनों में उन सीटों की सूची को अंतिम रूप देगी, जिनकी मांग वह एसपी से करेगी। सूची तैयार करने में उम्मीदवारों की जीत की संभावना, जातीय समीकरण, पारंपरिक वोट‑बैंक और पार्टी के पुराने गढ़ों को प्रमुख मानदंड माना गया है।
सीटों की सूची का निर्माण
कांग्रेस ने बताया कि वह अगले 3‑4 दिनों के भीतर इस सूची को एसपी के नेतृत्व को सौंप देगी। सूची में उन निर्वाचन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जहाँ कांग्रेस का ऐतिहासिक समर्थन मजबूत रहा है और जहाँ जातीय समीकरण उसे लाभ पहुंचा सकता है। इस प्रक्रिया में पार्टी ने अपने संभावित उम्मीदवारों के स्थानीय स्तर पर लोकप्रियता और पिछले चुनावों में प्राप्त वोट‑शेयर को भी ध्यान में रखा है।
एसपी के साथ लचीला रुख
बैठक के बाद स्पष्ट हुआ कि कांग्रेस सीट‑बंटवारे के दौरान लचीला रुख अपनाएगी। पार्टी ने कहा कि वह केवल सीटों की अदला‑बदली ही नहीं, बल्कि कुल सीटों की संख्या में मामूली बदलाव को भी स्वीकार करने को तैयार है, ताकि दोनों गठबंधन पार्टियों की जीत की संभावनाएँ अधिकतम हो सकें। इस लचीलेपन का उद्देश्य दोनों पार्टियों के वोट‑बैंक को मिलाकर एक मजबूत विरोधी गठबंधन बनाना है।
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मुख्य बातें
- कांग्रेस ने एसपी से 125‑140 सीटों की मांग करने का फैसला किया।
- सीटों की सूची अगले 3‑4 दिनों में तैयार कर एसपी को सौंप दी जाएगी।
- सूची बनाते समय जीत की संभावना, जातीय समीकरण, पारंपरिक वोट‑बैंक और पुराने गढ़ों को मानदंड माना गया।
- कांग्रेस सीट‑बंटवारे में लचीला रुख अपनाएगी, जिसमें कुल सीटों की संख्या में मामूली बदलाव भी शामिल है।
- औपचारिक बातचीत जल्द ही एसपी के साथ शुरू होने की संभावना है।
भविष्य की दिशा
कांग्रेस की यह रणनीति दर्शाती है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए गठबंधन को प्रमुखता दे रही है। एसपी के साथ संभावित सीट‑बंटवारे से दोनों पार्टियों को एक साथ मिलकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देने का अवसर मिलेगा। आगामी दिनों में दोनों पार्टियों के बीच औपचारिक समझौते की उम्मीद की जा रही है, जिससे चुनावी मैदान में नई गतिशीलता उत्पन्न होगी।




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