CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास तिहाड़ जेल से रिहा, बाहर आते ही लगाए ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को बुधवार शाम तिहाड़ जेल से रिहा किया गया। रिहाई के तुरंत बाद दोनों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा लगाया, जबकि उन्होंने मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं की। यह घटना कोर्ट की जमानत सुनवाई के बाद हुई।
रिहाई की पृष्ठभूमि
13 अक्टूबर को सुरक्षा घेरा तोड़कर जंतर-मंतर पर पहुंचने पर आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस ने हिरासत में लिया था। उन्हें बाद में दिल्ली की स्पेशल एक्जीक्यूटिव मेजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेजा गया। 21 अक्टूबर को पुलिस ने उनकी हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया।
कोर्ट का आदेश और शर्तें
जमानत से जुड़े दस्तावेजों पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों नेताओं की रिहाई का आदेश दिया। रिहाई के लिए कोर्ट ने दो शर्तें रखी:
- प्रत्येक को 50,000 रुपये का व्यक्तिगत मुचलका (पर्सनल बॉन्ड) और समान राशि का जमानत बॉन्ड (श्योरिटी बॉन्ड) जमा करना होगा।
- बॉन्ड जमा करने के बाद प्राथमिक जांच पूरी होने पर तुरंत रिहा किया जाएगा।
कोर्ट ने आगे की सुनवाई शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3:00 बजे निर्धारित की है।
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मुख्य बातें
- आशुतोष रांका और सौरव दास को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया।
- रिहाई के बाद दोनों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा लगाया।
- कोर्ट ने पुलिस की हिरासत बढ़ाने की मांग को खारिज किया।
- रिहाई के लिए 50,000 रुपये का व्यक्तिगत और श्योरिटी बॉन्ड जमा करना अनिवार्य है।
- अगली सुनवाई 23 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
- जांच अधिकारी को अगली सुनवाई तक सत्यापन रिपोर्ट जमा करनी होगी।
- दोनों प्रतिवादियों को हर सुनवाई में उपस्थित रहना अनिवार्य है।
- कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कोर्ट के लिखित आश्वासनों का पालन करने की शर्तें भी लागू हैं।
आगे की प्रक्रिया
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जांच अधिकारी को अगली सुनवाई तक जमानतदारों के संबंध में एक सत्यापन रिपोर्ट (वेरिफिकेशन रिपोर्ट) जमा करनी होगी। दोनों प्रतिवादियों को हर सुनवाई में अदालत में उपस्थित रहना होगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता करनी होगी। इन शर्तों के पालन न होने पर कोर्ट पुनः कार्रवाई कर सकता है।
रिहाई के बाद दोनों नेताओं ने अपनी रिहाई, पुलिस कार्रवाई या आगे की रणनीति को लेकर कोई बयान नहीं दिया, केवल ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा लगाकर जेल परिसर से बाहर निकल गए।




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