जनगणना 2027 में निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी मिलेगी ड्यूटी, केंद्र ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित कर 2027 की जनगणना में निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी गणनाकर्मी नियुक्त करने की अनुमति दी। इस बदलाव से पहले केवल सरकारी अधिकारी, क्लर्क और कुछ विशेष वर्गों को ही इस ड्यूटी के लिए चुना जाता था।
नियमों में प्रमुख परिवर्तन
जनगणना नियम, 1990 में किए गए संशोधन के तहत अब राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता प्राप्त व गैर‑सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों को गणनाकर्मी नियुक्त करने की स्पष्ट अनुमति मिली है। यह अधिसूचना भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने जारी की है।
कौन‑कौन शामिल होंगे?
- सहायता प्राप्त और गैर‑सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षक
- स्थानीय निकायों, सोसाइटी, ट्रस्ट और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक
- केंद्रीय एवं राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, वैधानिक निकाय, बैंक, कंपनियों के क्लर्क और अधिकारी
- राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन द्वारा उपयुक्त समझे गए अन्य व्यक्ति
पृष्ठभूमि: हाई कोर्ट की याचिकाएँ
यह संशोधन तब आया जब हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में गैर‑सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी पर लगाने के फैसले को चुनौती दी थी। 8 अक्टूबर को जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने दो सरकारी पत्रों के क्रियान्वयन पर रोक लगाई थी, जिससे इस मुद्दे की सुनवाई 29 अप्रैल, 2027 को निर्धारित हुई।
याचिकाकर्ता के तर्क
याचिकाकर्ता ने कहा कि जनगणना अधिनियम, 1948 या उसके नियमों में सरकार को गैर‑सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को गणनाकर्मी नियुक्त करने का स्पष्ट अधिकार नहीं दिया गया है। उन्होंने अधिनियम की धारा 4A का हवाला देते हुए कहा कि यह केवल स्थानीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों को ही शामिल करता है, जबकि निजी स्कूलों के शिक्षक इस परिभाषा में नहीं आते।
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जनगणना 2027 का ढांचा
2027 की जनगणना भारत की आजादी के बाद आठवीं जनगणना होगी। इसे दो चरणों में किया जाएगा:
- पहला चरण – मकानों की सूची बनाना और आवास संबंधी जानकारी एकत्रित करना।
- दूसरा चरण – जनसंख्या की वास्तविक गणना।
पहले यह कार्य 2021 में प्रस्तावित था, परन्तु कोविड‑19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
मुख्य बातें
- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया।
- अब निजी स्कूलों के शिक्षक भी गणनाकर्मी बन सकते हैं, चाहे वे सहायता प्राप्त हों या न हों।
- क्लर्क, सरकारी अधिकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों के कर्मचारी भी इस ड्यूटी में शामिल हो सकते हैं।
- यह बदलाव हाई कोर्ट की याचिकाओं के बाद आया, जहाँ निजी स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी पर रोक लगाई गई थी।
- जनगणना 2027 दो चरणों में होगी – आवासीय डेटा संग्रह और जनसंख्या गणना।
नियमों में यह विस्तृत बदलाव सरकार को अधिक मानव संसाधन उपलब्ध कराएगा, जिससे जनगणना प्रक्रिया तेज़ और व्यापक हो सकेगी। आगे की जानकारी के लिए संबंधित राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश के आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर रखें।




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