यूपी चुनाव 2027 से पहले मथुरा में बीजेपी की दो दिवसीय रणनीतिक बैठक
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उपरोक्त विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 3 और 4 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में दो दिवसीय चिंतन बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और कई वरिष्ठ नेता भाग लेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जमीनी फीडबैक, संगठनात्मक स्थिति और आगामी चुनाव की रणनीति पर गहन चर्चा करना है।
बैठक की रूपरेखा और प्रमुख प्रतिभागी
बैठक की रूपरेखा तय करने के लिए भाजपा संगठन प्रभारी विनोद तावड़े और उनके सह‑प्रभारी 1 अक्टूबर को लखनऊ पहुँचेंगे। लखनऊ में वे योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी तथा अन्य पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। मथुरा में दो दिवसीय सत्र में नितिन नबीन, योगी आदित्यनाथ, पंकज चौधरी के साथ‑साथ कई केंद्र और राज्य स्तर के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस मंच से पार्टी ब्रज क्षेत्र सहित पूरे उत्तर प्रदेश की संगठनात्मक और चुनावी स्थिति की समीक्षा करेगी।
रणनीतिक महत्व: अयोध्या‑कश्मीर‑मथुरा त्रिकोण
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम पूरा हो चुका है, इसलिए आगामी चुनाव में यह मुद्दा प्रमुख नहीं रहेगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अब फोकस अयोध्या से आगे बढ़कर मथुरा‑वृंदावन क्षेत्र पर केंद्रित किया जा रहा है। नितिन नबीन का पहला राष्ट्रीय दौरा मथुरा‑वृंदावन रहा, और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी पिछले साल दिसंबर में मथुरा का दौरा किया था। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने मथुरा का प्रवास किया, जहाँ उन्होंने अयोध्या‑काशी के बाद मथुरा‑वृंदावन के विकास की घोषणा की।
पिछले चुनावों में ब्रज क्षेत्र की स्थिति
ब्रज क्षेत्र हमेशा से भाजपा के लिए चुनावी रूप से महत्वपूर्ण रहा है, परन्तु पिछले दो लोकसभा और दो विधानसभा चुनावों में जीत के प्रतिशत में गिरावट आई है। 2019 लोकसभा चुनाव में 13 में से 12 सीटें जीती थीं, जबकि 2024 में यह संख्या 8 रह गई। इसी तरह 2017 विधानसभा चुनाव में 65 में से 57 सीटें जीतने के बाद 2022 में यह आंकड़ा 53 तक घट गया। इस गिरावट को रोकने के लिए पार्टी ने मथुरा में विस्तृत रणनीतिक सत्र आयोजित किया है।
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बैठक में चर्चा के संभावित बिंदु
- बूथ से लेकर शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर तक संगठन की वर्तमान स्थिति।
- जमीनी कार्यकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक और उनके सुझाव।
- आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को सुदृढ़ करने के उपाय।
- ब्रज क्षेत्र में विकासात्मक योजनाओं का चुनावी प्रभाव।
- अयोध्या‑काशी‑मथुरा वैचारिक संदेश को कैसे सुदृढ़ किया जाए।
मुख्य बातें
- बैठक की तिथि: 3‑4 अक्टूबर 2024
- स्थान: मथुरा, उत्तर प्रदेश
- मुख्य प्रतिभागी: नितिन नबीन, योगी आदित्यनाथ, पंकज चौधरी, विनोद तावड़े और अन्य वरिष्ठ नेता
- उद्देश्य: जमीनी फीडबैक, संगठनात्मक स्थिति और 2027 चुनाव की रणनीति पर मंथन
- रणनीतिक फोकस: अयोध्या‑काशी के बाद मथुरा‑वृंदावन क्षेत्र पर
- पिछले चुनावों में ब्रज क्षेत्र में जीत के प्रतिशत में गिरावट, जिसे सुधारना प्राथमिकता
भविष्य की दिशा
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि मथुरा में आयोजित यह दो दिवसीय सत्र 2027 के चुनावी तैयारियों में संगठन और रणनीति को एक साथ साधने की कवायद है। अयोध्या में चंदा‑चोरी विवाद के बाद पार्टी इस सत्र के माध्यम से वैचारिक रूप से अयोध्या, काशी और मथुरा के प्रति अपनी सजगता को दोहराना चाहती है। यदि इस बैठक में जमीनी फीडबैक को सही दिशा में उपयोग किया गया तो पार्टी को ब्रज क्षेत्र में फिर से मजबूत आधार बनाने की संभावना बढ़ेगी।




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