भेड़ाघाट‑धुआंधार में पर्यटन फिर से खुला, नौका विहार और रोपवे से सैलानी लौटे
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जबलपुर के विश्व‑प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात में मानसूनी सीजन के बाद फिर से पर्यटकों की चहल‑पहल शुरू हो गई है। बारिश के कारण लगभग चार महीने बंद रहे नौका विहार, धुआंधार जलप्रपात का रोपवे और अन्य सुविधाएँ 12 अक्टूबर से पुनः खुली हैं, जिससे सैलानी‑सैलानियों में उत्साह का माहौल बन गया है।
पर्यटन गतिविधियों का पुनः आरम्भ
भेड़ाघाट नगर परिषद ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नौका विहार सेवा को फिर से शुरू किया। सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है और नाविकों को सख्त सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। रोपवे और धुआंधार जलप्रपात के पर्यटन भी अब खुले हैं, जिससे नदियों, संगमरमर की चट्टानों और धुंधले जलप्रपात का नजारा फिर से देखे जा सकते हैं।
पर्यटकों की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र, राजस्थान, जम्मू‑कश्मीर, ओडिशा, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और कई अन्य राज्यों से सैलानी भेड़ाघाट की ओर बढ़ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली गुरप्रीत कौर सांगा ने बताया कि उनका बचपन जबलपुर में बीता और वह यहाँ की संगमरमर की चट्टानों, नर्मदा के प्रवाह और ठंडी हवाओं को सुकून का स्रोत मानती हैं। छत्तीसगढ़ के कोरबा से आई तानिया रॉय घोष ने नौका विहार के पुनः खुलने की सूचना मिलने पर महिलाओं के समूह के साथ यात्रा की योजना बनाई। गोरखपुर के अंशु सिंह ने पहली बार भेड़ाघाट के दृश्य को देखकर कहा, “संगमरमर की ऊँची चट्टानें और नर्मदा का नजारा तस्वीरों से कहीं अधिक खूबसूरत है।”
स्थानीय प्रशासन की तैयारी
भेड़ाघाट नगर परिषद अध्यक्ष चतुर सिंह लोधी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जा रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मानसून के दौरान पंचवटी घाट, सरस्वती घाट और धुआंधार क्षेत्र में हुए नुकसान की मरम्मत कार्य लगातार चल रहा है, जिसमें प्रशासन का सहयोग मिल रहा है।
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आगामी कार्यक्रम
24‑25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के अवसर पर विशेष आयोजन की तैयारी चल रही है। परिषद को उम्मीद है कि मौसम अनुकूल होने के साथ ही इस कार्यक्रम से भी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। पर्यटन के पुनः आरम्भ से स्थानीय व्यापारियों, नाविकों और पर्यटन‑संबंधी कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
मुख्य बातें
- भेड़ाघाट‑धुआंधार में नौका विहार, रोपवे और जलप्रपात पर्यटन 12 अक्टूबर से फिर से खुले।
- सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य, सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन।
- महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता आदि से सैलानी लौट आए हैं।
- नगर परिषद द्वारा पंचवटी, सरस्वती घाट और धुआंधार क्षेत्र की मरम्मत कार्य जारी।
- 24‑25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के विशेष आयोजन की तैयारियां चल रही हैं।
- पर्यटन पुनः शुरू होने से स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में नई गति मिलने की उम्मीद।
भेड़ाघाट की संगमरमर की ऊँची चट्टानें, नर्मदा का मनमोहक प्रवाह और धुआंधार जलप्रपात का दूधिया दृश्य इस स्थल को देश‑विदेश के सैलानीयों के लिए एक अनूठा गंतव्य बनाते हैं। अब सुरक्षा, साफ‑सफाई और सुविधाओं पर लगातार ध्यान देकर इस पर्यटन केंद्र को और अधिक आकर्षक बनाने की जरूरत है, ताकि हर आगंतुक यादगार अनुभव लेकर लौटे।




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