बैतूल में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 1.14 करोड़ की वित्तीय धोखाधड़ी का खुलासा, सहायक प्रबंधक सहित तीन पर कार्रवाई
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बैतूल जिले के बोरदेही थाना क्षेत्र में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में 1.14 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, 22.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की और छह अलग‑अलग मामलों में अपराध दर्ज किए।
वित्तीय अनियमितताओं की रूपरेखा
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, जनवरी 2026 से मोरखा शाखा में खाताधारकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर बदलकर नेट‑बैंकिंग के माध्यम से अनधिकृत लेनदेन किए जा रहे थे। फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफडी) तोड़कर रकम निकाली गई। जांच में लगभग 10 बार मोबाइल नंबर बदलने की पुष्टि हुई। निकाली गई राशि को रिश्तेदारों और अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया, जिससे कार सहित कई संपत्तियों की खरीदारी हुई।
गिरफ्तारी और जब्ती
24 अक्टूबर को पुलिस ने बैंक के सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे और गौरव सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया। एक विधि‑विरुद्ध बालक के खिलाफ भी किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। जांच के दौरान छह मोबाइल फोन, सोना‑चांदी और एक कार सहित कुल अनुमानित 22.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
जब्त संपत्ति का विवरण
- छह मोबाइल फोन – लगभग 65,000 रुपये
- सोना – लगभग 8.28 लाख रुपये
- चांदी – लगभग 1.40 लाख रुपये
- कार – लगभग 12 लाख रुपये
छह मामलों में दर्ज अपराध
बोरदेही पुलिस ने शिकायतों के आधार पर छह अलग‑अलग मामलों में अपराध दर्ज किए। प्रमुख मामलों में शामिल हैं:
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- ज्योति रघुवंशी के खाते से 4,86,175 रुपये
- फूलवंती के खाते से 2,74,000 रुपये
- इंद्रेश रघुवंशी के खाते से 1,85,786 रुपये
- भोजराज सोनी के खाते से 5,50,000 रुपये
- रागिनी साहू के खाते से 1,55,371 रुपये
- विवेक सोनी के खाते से फर्जी हस्तांतरण
पुलिस की सतर्कता अपील
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आम जनता से बैंक खातों और ऑनलाइन बैंकिंग को लेकर सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि खाताधारकों को नियमित रूप से पासबुक, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल पर आने वाले बैंकिंग संदेशों की जांच करनी चाहिए। मोबाइल नंबर में बदलाव, अनधिकृत लेनदेन या एफडी तोड़ने की सूचना मिलने पर तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें। ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें। ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत के लिए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।
मुख्य बातें
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र, मोरखा शाखा में 1.14 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता की जांच चल रही है।
- सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे और गौरव सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया गया; एक विधि‑विरुद्ध बालक के खिलाफ भी कार्रवाई हुई।
- जांच में 22.33 लाख रुपये की संपत्ति (मोबाइल, सोना‑चांदी, कार) जब्त की गई।
- छह अलग‑अलग मामलों में कुल लगभग 15 लाख रुपये के अनधिकृत लेनदेन की पुष्टि हुई।
- पुलिस ने जनता से पासबुक, स्टेटमेंट और मोबाइल बैंकिंग संदेशों की नियमित जांच करने की सलाह दी।
वर्तमान में सभी मामलों में विस्तृत विवेचना जारी है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




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