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बरेली में SDM के अपमानजनक शब्दों पर शिक्षकों ने जनगणना कार्य का बहिष्कार किया

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 07 Nov 2026• अपडेट 07 Nov 2026
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बरेली में SDM के अपमानजनक शब्दों पर शिक्षकों ने जनगणना कार्य का बहिष्कार किया
बरेली की आंवला तहसील में राष्ट्रीय जनगणना प्रशिक्षण के दौरान SDM सुशील मिश्रा ने शिक्षकों को ‘भूखे-नंगे कुत्ते’ कहकर अपमानित किया। इस पर सैकड़ों शिक्षक दामोदर स्वरूप पार्क में धरना देते हुए…

बरेली की आंवला तहसील में राष्ट्रीय जनगणना के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एक विवाद उत्पन्न हुआ, जब एसडीएम सुशील मिश्रा ने भोजन की लाइन में खड़े शिक्षकों को ‘भूखे-नंगे कुत्ते’ कहकर अपमानित किया। इस टिप्पणी से सैकड़ों शिक्षक गुस्से में आकर जनगणना कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं और दामोदर स्वरूप पार्क में अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि

आंवला तहसील के सरस्वती शिशु मंदिर में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए जनगणना कार्य हेतु प्रगणक बनाते हुए प्रशिक्षण चल रहा था। गुरुवार दोपहर लगभग 2 बजे, जब शिक्षक निर्धारित व्यवस्था के अनुसार भोजन के पैकेट लेने के लिए कतार में खड़े थे, तब एसडीएम सुशील मिश्रा मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने कतार में खड़े शिक्षकों को देखकर ‘भूखे-नंगे कुत्ते कहां‑कहां से आ जाते हैं…’ जैसी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।

शिक्षकों की प्रतिक्रिया

शिक्षकों ने तुरंत प्रशिक्षण रोक दिया और एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि वे मुफ्त का भोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य (जनगणना) निभाने आए हैं। इस घटना के बाद, कई शिक्षक दामोदर स्वरूप पार्क में एकत्रित हुए और जनगणना कार्य का बहिष्कार करने का ऐलान किया।

शिक्षक संघ की मांगें

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार ने इस अपमान को ‘शिक्षक समुदाय का घोर अपमान’ कहा और जिलाधिकारी (DM बरेली) को ज्ञापन सौंपते हुए एसडीएम सुशील मिश्रा के तत्काल निलंबन और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। संघ ने कहा कि जब तक एसडीएम सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और उन पर गाज नहीं गिरती, तब तक कोई भी शिक्षक जनगणना ड्यूटी में शामिल नहीं होगा।

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धरने की स्थिति

रात भर दामोदर स्वरूप पार्क में डटे शिक्षक अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य के ठप होने की आशंका है, क्योंकि अधिकांश प्रशिक्षित शिक्षक अब तक वापस नहीं आए हैं। एसडीएम से संपर्क करने के प्रयासों में भी कोई जवाब नहीं मिला; उन्होंने फोन कॉल रिसीव नहीं किया।

मुख्य बातें

  • आंवला तहसील में राष्ट्रीय जनगणना प्रशिक्षण के दौरान एसडीएम सुशील मिश्रा ने शिक्षकों को ‘भूखे-नंगे कुत्ते’ कहा।
  • शिक्षकों ने तुरंत प्रशिक्षण रोक दिया और दामोदर स्वरूप पार्क में धरना दिया।
  • प्राथमिक शिक्षक संघ ने एसडीएम के निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।
  • शिक्षक जनगणना कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं, जब तक सार्वजनिक माफी नहीं मिलती।
  • एसडीएम ने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ी।

आगे की संभावनाएँ

यदि इस विवाद का समाधान नहीं होता, तो बरेली जिले में जनगणना कार्य में गंभीर देरी हो सकती है, जिससे राष्ट्रीय जनगणना के समय‑सारिणी पर असर पड़ सकता है। प्रशासन को शिक्षक संघ की मांगों को गंभीरता से लेना होगा, अन्यथा सार्वजनिक विरोध का विस्तार संभव है।

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