अंकिता भंडारी के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम: दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग
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अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद न्याय की मांग को लेकर उनके पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्त करने के विरुद्ध कड़ा विरोध किया और यदि इस समय‑सीमा के भीतर नियुक्ति रद्द नहीं की गई तो देश भर और विशेषकर उत्तराखंड में जनता सड़कों पर उतर आएगी, यह स्पष्ट किया।
अल्टीमेटम की पृष्ठभूमि
अंकिता भंडारी, 19 वर्ष की छात्रा, की हत्या 2022 में हुई थी। मामले में दुष्यंत कुमार गौतम का नाम संदेहियों में शामिल किया गया है। इस संदर्भ में, वीरेंद्र सिंह भंडारी ने एक दिन पहले दिल्ली पहुंच कर इंडिया गेट पर धरना दिया। उनका समर्थन कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और आम जनता ने किया। उन्होंने कहा कि जब सीबीआई की जांच अभी भी चल रही है, तब दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्त करना अस्वीकार्य है।
सीबीआई से डिजिटल साक्ष्य की मांग
भंडारी ने सीबीआई से दो प्रमुख मांगें रखी हैं:
- अंकिता के हत्याकांड से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्य, विशेषकर लोकेशन डेटा और फोन रिकॉर्ड को सार्वजनिक करना।
- 18 और 19 सितंबर 2022 को अजय कुमार और दुष्यंत कुमार के लोकेशन डेटा एवं फोन रिकॉर्ड की उपलब्धता सुनिश्चित करना, ताकि मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सके।
राहुल गांधी का हस्तक्षेप
लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर सिक्किम राज्यपाल पद पर दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि सीबीआई की सुस्त जांच को जिम्मेदार ठहराते हुए, चार साल बीत जाने के बाद भी कथित वीआईपी की पहचान अज्ञात क्यों है, इस पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 19 वर्षीय अंकिता ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया था, जिससे उसकी हत्या हुई।
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मुख्य बातें
- वीरेंद्र सिंह भंडारी ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया, यदि दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं हुई तो सड़कों पर प्रदर्शन होगा।
- भंडारी ने सीबीआई से 18‑19 सितंबर 2022 के लोकेशन डेटा और फोन रिकॉर्ड की मांग की।
- राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर नियुक्ति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
- भंडारी ने दिल्ली में इंडिया गेट पर धरना दिया, जहाँ कांग्रेस के कई नेता और आम जनता ने उनका समर्थन किया।
- मामले में सीबीआई की जांच अभी भी चल रही है, परंतु दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल नियुक्त करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं।
आगे की संभावनाएँ
भंडारी की मांग और राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद, यह देखना बाकी है कि केंद्र सरकार और संबंधित प्राधिकरण इस अल्टीमेटम पर कैसे प्रतिक्रिया देंगे। यदि नियुक्ति रद्द नहीं होती, तो उत्तराखंड सहित कई राज्यों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो सकता है। साथ ही, सीबीआई को डिजिटल साक्ष्य प्रदान करने की दिशा में कदम उठाने की संभावना भी बनी हुई है।
अंकिता भंडारी के परिवार और न्यायसंगत प्रक्रिया की मांग करने वाले सभी पक्षों के लिए यह चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल एक व्यक्तिगत न्याय की लड़ाई है, बल्कि सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की भी परीक्षा है।




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