अमेरिका में बसे अनिल पंडित: लॉरेंस बिश्नोई के गैंग का भारतीय दहशत नेटवर्क
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हरियाणा के पानीपत जिले के रेरकलां गांव में जन्मे अनिल पंडित ने अपने बचपन से ही दबंगई और हथियारों के शौक को अपनाया। 15 साल पहले, जब वह मात्र 16‑17 वर्ष का था, तो उसकी मुलाकात कुख्यात शूटर लॉरेंस बिश्नोई के राइट‑हैंड, संपत नेहरा से हुई। संपत ने ही उसे लॉरेंस से मिलवाया और अनिल ने तुरंत ही बिश्नोई को अपना आदर्श मान लिया।
लॉरेंस बिश्नोई के साथ जुड़ाव
संपत नेहरा के गिरफ़्तार होने के बाद, अनिल पंडित को भी पुलिस की पकड़ का डर सताने लगा। 2023 में वह फरार हो गया, पहले अपने पासपोर्ट से कनाडा पहुंचा जहाँ बिश्नोई के सहयोगी रणदीप मलिक ने उसे शरण दी। कुछ ही दिनों में वह नकली पासपोर्ट से थाईलैंड और दुबई तक गया, फिर डेढ़ साल पहले फिर से कनाडा लौट कर डंकी रूट से कैलिफ़ोर्निया, यू.एस.ए. में पहुँचा। अब वह कैलिफ़ोर्निया से भारत के कई शहरों में बिश्नोई के गैंग को संचालित करता है।
भारत में अपराधी नेटवर्क
हरियाणा एसटीएफ के अनुसार, अनिल पंडित लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर कांट्रैक्ट लेता है और अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार से नाबालिग लड़कों को हाई‑टेक हथियार, बड़ी रकम और ऑपरेशनल निर्देश प्रदान करता है। इन लड़कों को अक्सर कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होता, जिससे पुलिस जांच में बाधा आती है।
मुख्य अपराध
- रंगदारी (हिंसा) के प्रथम मुकदमे का मामला हरियाणा के पानीपत में दर्ज
- गुरुग्राम, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र में रंगदारी, अपहरण और हथियार तस्करी के कई मामले
- दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र में समान वारदातें
- पिछले 6‑7 वर्षों में सौ से अधिक वारदातों में शूटरों के माध्यम से भागीदारी
- टाइगर श्रॉफ पर हमला – बिश्नोई के आदेश पर अनिल ने जिम्मेदारी ली
- सलमान खान को अगला लक्ष्य घोषित कर धमकी दी
टाइगर श्रॉफ पर हमला और सलमान खान को धमकी
सलमान खान के करीबी बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले में अनिल पंडित का नाम सुर्खियों में आया। उसने स्वयं बिश्नोई की ओर से इस हमले की जिम्मेदारी ली और आगे सलमान खान को अपना अगला लक्ष्य बताया, जिससे भारतीय फिल्म उद्योग में भय का माहौल बन गया।
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अंतरराष्ट्रीय शरण और वर्तमान स्थिति
कैलिफ़ोर्निया में रहने के दौरान अनिल पंडित ने अपने नेटवर्क को डिजिटल रूप से सुदृढ़ किया। वह डंकी रूट (ड्रग और हथियार तस्करी के लिए उपयोगी मार्ग) से भारत‑अमेरिका के बीच संपर्क स्थापित करता है, जिससे नाबालिग गैंगस्टर्स को आधुनिक हथियार और वित्तीय सहायता मिलती है। इस कारण भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे खतरनाक अपराधियों में गिना है।
पुलिस की कार्रवाई और भविष्य की चुनौतियाँ
हरियाणा एसटीएफ ने अनिल पंडित के खिलाफ कई FIR दर्ज की हैं, परन्तु उसकी अंतरराष्ट्रीय स्थिति और नकली दस्तावेज़ों के कारण उसे पकड़ना कठिन रहा है। अब भारत‑अमेरिका सहयोग के तहत एक्सट्रैडिशन प्रक्रिया तेज़ करने की मांग बढ़ रही है, ताकि वह अपने अपराधी नेटवर्क को समाप्त किया जा सके।
अनिल पंडित का केस यह दर्शाता है कि कैसे स्थानीय अपराधी अंतरराष्ट्रीय शरण लेकर अपने नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर विस्तारित कर सकते हैं, और यह भारतीय कानून प्रवर्तन के लिए नई चुनौती पेश करता है।




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