आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन पर YSRCP नेताओं पर हिंसा, जगन रेड्डी ने राष्ट्रपति शासन की मांग की
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आंध्र प्रदेश में चल रहे स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन चरण में बड़े पैमाने पर राजनीतिक हिंसा के आरोप सामने आए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और यशवंत राज्य कांग्रेस (YSRCP) के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने राज्य सरकार पर उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने, चाकू‑लाठी से खदेड़ने और पुलिस द्वारा अपहरण करने का आरोप लगाया। इन घटनाओं के जवाब में उन्होंने तत्काल राष्ट्रपति शासन की मांग की।
रेड्डी के आरोपों का सार
जगन रेड्डी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर “कानून‑व्यवस्था को पंगु बनाने” और “जंगल राज” चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में संविधान ध्वस्त हो चुका है और सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। विशेष रूप से उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं को उजागर किया:
- नामांकन केंद्रों के भीतर YSRCP उम्मीदवारों को चाकू‑लाठी से खदेड़ा गया।
- पुलिस आधी रात को उम्मीदवारों का अपहरण कर रही है।
- आरओ (रजिस्ट्रेशन ऑफिस) में प्रवेश कर नामांकन पत्र फाड़े जा रहे हैं।
- कई स्थानों पर पुलिस द्वारा फायरिंग की गई, जिससे लोकतंत्र पर बम विस्फोट जैसा असर पड़ा।
हिंसा के स्थल
रेड्डी ने कई जिलों में हुई हिंसा की घटनाओं का उल्लेख किया, जिनमें कड़पा, पुलिवेंदुला, कमलापुरम, जम्मलमडुगु, राजमपेट, रायचोटी, पुंगनूर, तिरुपति, दर्शी, दाचेपल्ली और गुरजाला शामिल हैं। पुलिवेंदुला में पुलिस द्वारा फायरिंग को विशेष रूप से उजागर किया गया, जहाँ उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर “बम विस्फोट” जैसा था।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
स्रोत में राज्य सरकार या पुलिस की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। रिपोर्ट में केवल PTI द्वारा प्रकाशित वीडियो का उल्लेख है, जिसमें रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू से प्रश्न किया: “क्यों चंद्रबाबू नायडू YSRCP उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोक रहे हैं? क्यों पुलिस उम्मीदवारों पर गोलीबारी कर रही है?”
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मुख्य बातें
- जगन मोहन रेड्डी ने स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन चरण में YSRCP उम्मीदवारों पर हिंसा के आरोप लगाए।
- अभियोक्ताओं ने चाकू‑लाठी, पुलिस अपहरण और फायरिंग की घटनाओं का हवाला दिया।
- रेड्डी ने राष्ट्रपति शासन की तत्काल मांग की।
- हिंसा के प्रमुख स्थल: कड़पा, पुलिवेंदुला, कमलापुरम, जम्मलमडुगु, राजमपेट, रायचोटी, पुंगनूर, तिरुपति, दर्शी, दाचेपल्ली, गुरजाला।
इन घटनाओं के आगे के विकास और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया को देखते हुए, आंध्र प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।




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