AAP MLA कुंवर विजय प्रताप ने अमृतसर नॉर्थ से इस्तीफा दिया
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अमृतसर नॉर्थ से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुंवर विजय प्रताप ने अपनी सीट से इस्तीफा दे दिया, जिससे पार्टी को 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले लगातार तीसरा बड़ा झटका मिला। यह इस्तीफा पिछले 24 घंटों में दो अन्य विधायकों के इस्तीफे के बाद आया है।
इस्तीफे की पृष्ठभूमि
कुंवर विजय प्रताप, जो पूर्व IPS अधिकारी हैं, ने 2022 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर AAP में शामिल हुए थे। पार्टी के भीतर निरंतर असंतोष के कारण वे कई दिनों से नाराज चल रहे थे और उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निलंबित भी किया गया था। उन्होंने अपना त्यागपत्र विधानसभा स्पीकर को भेज दिया।
सोशल मीडिया पर बयान
इस्तीफे के बाद उन्होंने X (Twitter) पर अमृतसर की जनता को संबोधित करते हुए कहा, “मैंने पंजाब लेजिस्लेटिव असेंबली की अपनी मेंबरशिप से इस्तीफ़ा दे दिया है। आपने जो प्यार और सम्मान मुझे दिया है, उसके लिए मैं अपनी आखिरी सांस तक आपका एहसानमंद रहूँगा।” उन्होंने अपने कार्यकाल में 90 % लक्ष्य पूरा करने का उल्लेख किया और “पंजाब फर्स्ट” के तहत साफ‑सुथरी पॉलिटिक्स और ट्रांसपेरेंट एडमिनिस्ट्रेशन का लक्ष्य बताया।
पिछले दो विधायकों का इस्तीफा
कुंवर विजय प्रताप के इस्तीफे से एक दिन पहले, AAP के दो अन्य विधायकों ने भी पार्टी छोड़ दी थी:
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- सनौर विधानसभा सीट से हरमीत सिंह पठानमाजरा
- पटियाला के समाना से चेतन सिंह जौड़ामाजरा
दोनों ने पार्टी की प्राइमरी मेंबरशिप से भी इस्तीफा दे दिया और पार्टी ने उन्हें पहले ही सस्पेंड कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा दिया।
पार्टी पर संभावित प्रभाव
तीन विधायकों का एक साथ इस्तीफा AAP के लिए बड़ा झटका है और पंजाब की राजनीति में हलचल तेज कर रहा है। पार्टी ने विधानसभा स्पीकर से इन दो विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लगातार इस तरह के नुकसान से AAP को 2027 के चुनाव में उम्मीदवार चयन और रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।
मुख्य बातें
- कुंवर विजय प्रताप ने अमृतसर नॉर्थ से AAP विधायक पद से इस्तीफा दिया।
- इस्तीफा देने के कारण: पार्टी से नाराजगी और निलंबन।
- यह AAP के लिए तीसरा बड़ा झटका है; पहले दो विधायकों ने भी इस्तीफा दिया था।
- दो पूर्व विधायकों के नाम: हरमीत सिंह पठानमाजरा (सनौर) और चेतन सिंह जौड़ामाजरा (समाना)।
- पार्टी ने इन दो विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है।
- इस्तीफे के बाद कुंवर ने “पंजाब फर्स्ट” और साफ‑सुथरी पॉलिटिक्स का लक्ष्य दोहराया।
इन घटनाओं के बाद पंजाब में AAP की स्थिति और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी पर गहरा असर पड़ने की संभावना है। आगे की राजनीतिक गतिशीलता को देखते हुए पार्टी को नई रणनीति बनानी पड़ेगी।




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