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अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल की टिप्पणी पर भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, राजदूत क्वात्रा ने कहा ‘दखलंदाजी अस्वीकार्य’

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 16 Oct 2026• अपडेट 16 Oct 2026
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अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल की टिप्पणी पर भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, राजदूत क्वात्रा ने कहा ‘दखलंदाजी अस्वीकार्य’
अमेरिकी कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने भारत के मतदाता सूची संशोधन (SIR) पर सवाल उठाए, जिसे भारत ने ‘अस्वीकार्य हस्तक्षेप’ कहा। भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने लोकतंत्र की स्वतंत्रता की रक्षा…

अमेरिकी कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने भारत के मतदाता सूची सुधार (SIR) को लेकर टिप्पणी की, जिससे नई दिल्ली ने इसे ‘अस्वीकार्य हस्तक्षेप’ करार दिया। भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने ट्विटर (X) पर कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप अस्वीकार्य है और भारत एक जीवंत लोकतंत्र है।

प्रमिला जयपाल की टिप्पणी और भारत की प्रतिक्रिया

वाशिंगटन से डेमोक्रेटिक पार्टी की कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर चिंता जताई और कहा कि अहिंसक विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने भारत में चल रहे ‘लोकतंत्र‑विरोधी’ प्रयासों के खिलाफ भारतीय लोगों के साथ खड़े होने का समर्थन किया। भारत ने इस टिप्पणी को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया और राजदूत क्वात्रा ने इसे भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया।

विनय मोहन क्वात्रा का बयान

भारतीय राजदूत क्वात्रा ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत एक जीवंत लोकतंत्र है, जहाँ मजबूत और स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाएँ हैं और निष्पक्ष चुनावों का लंबा इतिहास है।” उन्होंने जयपाल की ‘गलतफहमी’ दूर करने के लिए रचनात्मक बातचीत के लिए तैयार रहने की बात भी दोहराई।

मतदाता सूची सुधार (SIR) का विवरण

भारत के चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के पहले दो चरणों में लगभग 7.2 करोड़ नाम हटाए गए। वर्तमान में चल रहे तीसरे चरण में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट सूची जारी हुई है, जिसमें 6.16 करोड़ नाम हटाए गए हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मृत, दोहराए गए या अन्य कारणों से अयोग्य मतदाताओं को हटाकर सूची को अपडेट करना है।

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नाम पुनः जोड़ने की प्रक्रिया

यदि किसी वास्तविक मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो वह ‘दावे और आपत्तियां’ (claims and objections) दर्ज कर या फॉर्म 6 भरकर अपना नाम पुनः सूची में शामिल करवा सकता है।

मुख्य बातें

  • प्रमिला जयपाल ने 13 करोड़ मतदाता नाम हटने पर चिंता जताई और अहिंसक विरोध का समर्थन किया।
  • भारत ने इस टिप्पणी को ‘अस्वीकार्य हस्तक्षेप’ कहा; राजदूत क्वात्रा ने भारत की चुनावी प्रक्रिया की स्वतंत्रता पर बल दिया।
  • SIR के पहले दो चरणों में 7.2 करोड़, तीसरे चरण में 6.16 करोड़ नाम हटाए गए।
  • गलत हटाए गए नामों को दावे‑आपत्ति या फॉर्म 6 के माध्यम से पुनः जोड़ सकते हैं।

यह विवाद भारत‑अमेरिका संबंधों में लोकतंत्र के मूल्य और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के मुद्दे को उजागर करता है, जबकि दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहने की संभावना बनी हुई है।

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