अखिलेश यादव की आज़म खान से तीसरी मुलाकात: जेल में और घर में राजनीतिक संकेत
4 मिनट में पढ़ें

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म से रामपुर जिला जेल में मुलाकात की, और इसके बाद आज़म खान के घर जाकर उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बड़े बेटे से भी मिले। यह मुलाकात उत्तर प्रदेश के चुनावी माहौल में विशेष महत्व रखती है।
मुलाकात का क्रम
अखिलेश यादव ने गुरुवार को अपने हेलीकॉप्टर को जौहर विश्वविद्यालय परिसर के हेलीपैड पर उतारा। लगभग 1:42 बजे वे जेल के अंदर प्रवेश किए। जेल के बाहर आज़म खान की पत्नी तंजीन फातिमा, बड़े बेटे अदीब और सपा के कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद अखिलेश यादव कार से जेल की ओर रवाना हुए। जेल के भीतर उन्होंने आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म से मुलाकात की। मुलाकात के बाद वे आज़म खान के निजी घर गए, जहाँ उन्होंने पत्नी और बड़े बेटे से भी बातचीत की।
एक साल में तीसरी मुलाकात
यह मुलाकात अखिलेश यादव की आज़म खान से एक साल के भीतर तीसरी मुलाकात है। पहली मुलाकात 9 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जब दोनों ने दो घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की थी। दूसरी मुलाकात नवंबर 2025 में लखनऊ में हुई, जहाँ आज़म खान ने अपनी दास्तां और दर्द व्यक्त किया था। अब 22 अक्टूबर 2026 को हुई इस मुलाकात में जेल में बातचीत के साथ-साथ घर में भी मिलना शामिल था। दो महीने पहले सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने भी रामपुर जेल में आज़म खान और उनके बेटे से मुलाकात की थी, और घर जाकर तंजीन फातिमा से मिले थे।
पैन कार्ड मामले में सजा
आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म पैन कार्ड मामले में रामपुर जिला जेल में बंद हैं। एमपी‑एमएलए स्पेशल कोर्ट ने दोनों को सात‑सात साल की सजा सुनाई थी। आज़म खान ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है और वर्तमान में राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
आपके लिए संबंधित खबरें
राजनीतिक संकेत
पिछली मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने आज़म खान को सपा का “पुराना और अहम नेता” कहा था, और उनका साया पार्टी के साथ गहरा रहा है, यह बताया था। उन्होंने आज़म खान को “पार्टी का दरख्त” कहा, जिससे यह संकेत मिला कि सपा के भीतर आज़म खान की भूमिका को महत्व दिया जा रहा है। इस मुलाकात से यह भी स्पष्ट होता है कि सपा अपने प्रमुख नेताओं को जेल में भी समर्थन दे रहा है, जो आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों में वोटर बेस को प्रभावित कर सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रतिक्रियाएँ
अखिलेश यादव के आगमन से पहले जेल, सपा कार्यालय और आस‑पास के क्षेत्रों में भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने कई टीमें तैनात कीं, सीओ सिटी के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था की गई, और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौजूद रही। रामपुर में उनके स्वागत के लिए पोस्टर लगाए गए। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि आज़म खान कांग्रेस के नेता हैं और अखिलेश यादव को उनसे मिलना चाहिए।
मुख्य बातें
- अखिलेश यादव ने 22 अक्टूबर 2026 को रामपुर जेल में आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म से मुलाकात की।
- जेल में मुलाकात के बाद आज़म खान के घर जाकर उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बड़े बेटे से भी मिले।
- यह मुलाकात एक साल में तीसरी है; पहली 9 अक्टूबर 2025 को, दूसरी नवंबर 2025 को लखनऊ में हुई थी।
- आज़म खान और उनके बेटे पैन कार्ड मामले में सात‑सात साल की सजा के साथ जेल में हैं; आज़म खान हाईकोर्ट में अपील कर रहे हैं।
- सपा के भीतर आज़म खान को “पार्टी का दरख्त” कहा गया, जिससे उनकी राजनीतिक महत्ता स्पष्ट होती है।
- जेल और आसपास की सुरक्षा के लिए पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए।
अखिलेश यादव की इस मुलाकात से यह स्पष्ट होता है कि सपा अपने प्रमुख नेताओं को जेल में भी समर्थन दे रहा है, और यह रणनीति उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक कदम हो सकती है।




टिप्पणियाँ
0