अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगस्टर सचिन थापन की 18 दिन की भूख हड़ताल, अस्पताल में भर्ती
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अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद गैंगस्टर सचिन थापन की तबीयत बिगड़ने के बाद जेल प्रशासन ने उसे कड़ी सुरक्षा के साथ जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल में भर्ती कराया। थापन पिछले 17‑18 दिनों से भूख हड़ताल पर था और उपचार से भी इनकार कर रहा था।
भूख हड़ताल की अवधि और कारण
जेल के स्रोतों के अनुसार, सचिन थापन ने लगभग दो हफ्तों से भोजन नहीं लिया। लगातार भूख न लेने के कारण उसकी शारीरिक स्थिति बिगड़ गई, जिससे उसे तुरंत चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता पड़ी। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वह भूख हड़ताल क्यों कर रहा है, लेकिन रिपोर्ट में बताया गया है कि वह उपचार को भी अस्वीकार कर रहा है।
अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया
जेल प्रशासन ने थापन को सुरक्षा के विशेष इंतजाम के साथ जेएलएन अस्पताल ले गया। अस्पताल में पहुंचते ही चिकित्सकों ने उसकी जांच की और उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया। सुरक्षा कर्मियों को यह निर्देश दिया गया था कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाए।
सचिन थापन का पृष्ठभूमि
सचिन थापन लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है और पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में आरोपी के रूप में सामने आया था। गंभीर आपराधिक मामलों के कारण उसे अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया है। जेल में रहने के दौरान उसकी स्वास्थ्य स्थिति में गिरावट आई, जिससे यह कदम उठाया गया।
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मुख्य बातें
- सचिन थापन 18 दिन से भूख हड़ताल पर था।
- भूख न लेने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई।
- जेल ने उसे कड़ी सुरक्षा के साथ जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया।
- थापन ने उपचार को भी अस्वीकार किया है।
- वह लॉरेंस बिश्नोई का भांजा और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का आरोपी है।
भविष्य की संभावनाएँ
जेल प्रशासन ने बताया कि थापन की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही, जेल में कैदियों के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को लेकर सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी चर्चा चल रही है।




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